राजस्थानी पैन-इंडिया फिल्म ‘धूड़’ का टीज़र हुआ रिलीज़ — राजस्थान से बड़े पर्दे पर एक सिनेमाई थ्रिलर के लिए हो जाइए तैयार
Spread the love कलाम अकादमी और समर जैन...
Spread the love कलाम अकादमी और समर जैन...
Spread the love00 यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026...
Spread the love00 केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने...
परिवार के भरण-पोषण का मिला सहारा
रायपुर, 10 अगस्त 2024

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव के सुशासन में त्वरित एवं संवेदनशील पहल से गरियाबंद जिले के 2 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति मिली है। जिला प्रशासन श्रीमती बबली विश्वकर्मा एवं श्रीमती भामिनी दीवान को अनुकंपा नियुक्ति सौंपकर निष्ठा एवं लगन से शासकीय सेवा करने की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। पति के निधन पश्चात परिवार के भरण पोषण के लिए चिंतित दोनों महिलाओं की समस्या दूर हो गई है। शासन के सहयोग से मिले अनुकंपा नियुक्ति के फलस्वरूप अब उनके बच्चों की पढ़ाई लिखाई एवं देखरेख की भी चिंता दूर हो गई है। दोनों को भृत्य पद पर नियुक्ति दी गई है। श्रीमती बबली को शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल परसदाकला एवं श्रीमती भामिनी को शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल छुरा में पोस्टिंग दी गई है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के द्वारा अनुकंपा नियुक्ति मिलने से आज दोनों महिलाओं के परिजनों ने खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन के प्रति अपना आभार जताया। अनुकंपा नियुक्ति मिलने के बाद उन्होंने कहा कि राज्य शासन की नीति के तहत त्वरित पहल से नौकरी मिल गई है। जिससे आर्थिक समस्याओं को दूर करने एवं परिवार के पालन पोषण में सहायक होगी।
शासन के प्रावधानों के तहत गरियाबंद जिले के कलेक्टर श्री दीपक अग्रवाल ने अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों को तेजी से निराकृत करने के निर्देश दिये हैं। इसी के तहत अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों को तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। आज अनुकंपा नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाली फिंगेश्वर निवासी श्रीमती बबली विश्वकर्मा ने बताया कि उनके पति शिक्षक के रूप में सेवारत थे। उनके निधन के बाद परिवार चलाना मुश्किल हो गया था। बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता रहती थी। उन्होंने बताया कि अनुकंपा नियुक्ति मिलने से परिवार के पालन पोषण एवं देखरेख में सहायता मिलेगी, साथ ही भविष्य भी सुरक्षित रहेगा। इसी प्रकार छुरा विकासखंड के ग्राम अकलवारा की रहने वाली श्रीमती भामिनी दीवान के पति भी शिक्षा विभाग में पदस्थ थे। उनके निधन के पश्चात उन्हें भृत्य के रूप में नियुक्ति मिली है। उन्होंने बताया कि पति के जाने के बाद भविष्य चिंतित था। शासन की पहल से अनुकंपा नियुक्ति मिलने से परिवार के खुशहाली में मदद होगी।
