नई दिल्ली,। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर 9 से 11 अगस्त तक मालदीव की तीन दिवसीय यात्रा रहेंगे। यह यात्रा दोनों देशों के बीच मजबूर रिशमों को रेखांकित करती है और मालदीव के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइज्जू की हाल ही में भारत यात्रा के तुरंत बाद हो रही है जहां उन्होंने मोदी सरकार के नए मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया था। डॉ. जयशंकर की यह यात्रा रणनीतिक रूप से अहम है, क्योंकि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों में हाल ही में हुए राजनीतिक बदलावों के बीच मालदीव के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच घनिष्ठ साझेदारी को मजबूत करना और द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाने के लिए रास्ते तलाशना है। भारत के विदेश मंत्री जयशंकर मालदीव के विदेश मंत्री मूसा ज़मीर के साथ आधिकारिक बातचीत करेंगे। यह बातचीत द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा और आपसी हितों के अन्य क्षेत्रों की पहचान करने पर केंद्रित होगी। दोनों मंत्री हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पहल और भारत के एक्जिम बैंक द्वारा प्रदान की गई लाइन ऑफ़ क्रेडिट सुविधा के तहत कई पूरी हो चुकी परियोजनाओं के उद्घाटन की अध्यक्षता भी करेंगे। निर्माण, वाणिज्य और व्यापार जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर एमओयू भी होगा, जिससे भारत और मालदीव के बीच मजबूत संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद है। ये समझौते दोनों देशों के बीच आर्थिक और विकासात्मक सहयोग को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएंगे। अपनी आधिकारिक व्यस्तताओं के बावजूद जयशंकर उच्च स्तरीय यात्रा के दौरान राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइज़ू से शिष्टाचार मुलाकात भी करेंगे। यह यात्रा जयशंकर की मालदीव की पहली आधिकारिक यात्रा है, जब से उन्होंने जून 2024 में दूसरे कार्यकाल के लिए पदभार संभाला है। जयशंकर ने पिछली मालदीव यात्रा जनवरी 2023 में की थी।
