रामायणम्’ की भव्यता से प्रभावित हुए एस.एस. राजामौली, नितेश तिवारी और नमित मल्होत्रा को दीं शुभकामनाएँ
Spread the loveएस.एस. राजामौली ने नितेश तिवारी और...
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Spread the love इंदौर, 17 अक्टूबर 2026 ।...
जम्मू । दक्षिण कश्मीर के पहलगाम के रास्ते पर मरम्मत कार्य जारी है जिसको लेकर अधिकारियों ने निर्णय लिया है कि अमरनाथ यात्रा अब उत्तरी कश्मीर के बालटाल मार्ग से ही होगी। श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि बारिश के कारण पहलगाम-गुफा का रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। उसे सुधारने का काम जारी है। इसलिए इस साल की बची हुई अमरनाथ यात्रा के लिए यात्री केवल उत्तरी कश्मीर बालटाल-गुफा के रास्ते से ही गंतव्य स्थान पर पहुंच सकेंगे। 651 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था बुधवार सुबह 5:30 बजे जम्मू शहर के भगवती नगर से 14 वाहनों के काफिले में उत्तरी कश्मीर के बालटाल शिविर के लिए रवाना हुआ। बता दें अमरनाथ यात्रा 29 जून को शुरू हुई थी और मंगलवार तक करीब पांच लाख श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए हैं। पिछले साल 4.45 लाख लोगों ने अमरनाथ यात्रा की थी। पुलिस और सीएपीएफ समेत बड़ी संख्या में सुरक्षा बल जम्मू से दोनों बेस कैंप तक 350 किलोमीटर से ज्यादा लम्बे मार्ग पर तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए 24 घंटे तैनात हैं। इसके अलावा यात्रियों की सुरक्षा के लिए पारगमन शिविरों, आधार शिविरों और गुफा मंदिर में पर्याप्त संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। गुफा में बर्फ की एक संरचना है। भक्तों का मानना है कि यह बर्फ की संरचना भगवान शिव की पौराणिक शक्तियों का प्रतीक है। यह गुफा कश्मीर हिमालय में समुद्र तल से 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। भक्त या तो पारंपरिक दक्षिण कश्मीर पहलगाम मार्ग से या फिर उत्तर कश्मीर बालटाल मार्ग से गुफा मंदिर तक पहुंचते हैं।
