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वाशिंगटन,। इजराइल और हमास के बीच जारी जंग अभी अंतिम चरण में पहुंची भी नहीं थी कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने इजराइल की मदद के लिए लड़ाकू विमान और वारशिप तैनात कर दिए हैं। अमेरिका के इस कदम से भयावह युद्ध की आहट और तेज होती नजर आ रही है। मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच अमेरिका ने एंट्री करते हुए मिडिल ईस्ट में इजराइल के फेवर में लड़ाकू विमान तैनात कर दिए हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की जारी रिपोर्ट में यह बताया गया है, कि मध्य पूर्व में एक लड़ाकू जेट स्क्वाड्रन ले जाने का फैसला किया गया है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यह फैसला ईरान के संभावित हमले से इजराइल को बचाने के लिए किया गया है। लड़ाकू विमान की तैनाती का फैसला अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा और सैन्य उपस्थिति की मजबूती को ध्यान में रखकर किया गया है। अमेरिका ने आगामी एक साल तक इजराइल की सुरक्षा के लिए इस क्षेत्र में एक युद्ध वाहक रखे जाने का फैसला लिया है, लेकिन अमेरिका कहां लड़ाकू जेट स्क्वाड्रन तैनात करेगा इसकी अभी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। अमेरिकी डिफेंड सेक्रेटरी लॉयड ऑस्टिन के मुताबिक यूपीयन और मध्य पूर्व क्षेत्रों के लिए एक्स्ट्रा बैलिस्टिक मिसाइल भेजे गए हैं। अमेरिका के इस कदम से साफ जाहिर हो चुका है कि यदि युद्ध होता है तो अमेरिका इजराइल के साथ खड़ा नजर आएगा। गौरतलब है कि ईरान के एक शीर्ष कार्यक्रम में हमास नेता इस्माइल हानिया और हिजबुल्लाह कमांडर की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद ईरान ने इजराइल पर हत्या का इल्जाम लगाते हुए बदला लेने का ऐलान कर दिया। एक नए युद्ध की आशंका के चलते दुनिया के तमाम देश अलर्ट मोड पर आ चुके हैं। नेतन्याहू ने की बाइडन से बात एक और भयावह युद्ध की आहट के बीच मिसाइल तैनाती से पूर्व ही इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन से वार्ता की है। जानकारी अनुसार इस बातचीत के दौरान मिसाइल, ड्रोन और युद्ध को लेकर सैन्य तैनाती पर भी गंभीर चर्चा की गई।
गौरतलब है कि इससे पहले अप्रैल माह में जब इजराइल के खिलाफ दर्जनों मिसाईलें दागी गईं थीं तब अमेरिकी ड्रोन ने उन्हें रोका था। ऐसे में अमेरिका का नया कदम इजराइल को मजबूती प्रदान करने वाला है।
