पीएम-किसान सम्मान निधि बनी उमेन्द्र की खेती का सहारा, खाद-बीज की जरूरतों को पूरा करने में मिल रही मदद
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वॉशिंगटन । अमेरिका ने एक बार फिर से खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू का राग अलापा है। अमेरिका ने दोहराया है कि वह पन्नू की कथित हत्या के संबंध में चल रही जांच में भारत सरकार से जवाबदेही की उम्मीद करता है। अमेरिकी विदेश विभाग ने साफ कहा कि इस मामले को अमेरिका हाई लेवल पर भारत सरकार के सामने अपनी चिंताओं को उठाता रहेगा। विदेश विभाग के उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने कहा, हम अमेरिकी धरती पर एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की असफल कोशिश एक भारतीय सरकारी कर्मचारी की कथित भूमिका के संबंध में भारत सरकार से जवाबदेही की उम्मीद करते हैं, हम हाई लेवल पर सीधे भारत सरकार के साथ अपनी चिंताओं को उठाते रहेंगे।पटेल से कनाडा में भी हुई गुरुपतवंत पन्नू की हत्या की कोशिश के बारे में जब पूछा तो उन्होंने कहा, कनाडा से जो खबर आई हैं, मैं आपको कनाडाई सरकार के पास उन मुद्दों पर टिप्पणी करने के लिए कहूंगा। यह घटना कनाडा के अधिकार क्षेत्र में हुई है। बता दें कि गुरुपतवंत पन्नू की हत्या की कोशिश को लेकर भारत में जांच चल रही है। अमेरिका ने अपने एजेंट के जरिए पन्नू की हत्या करवाने का आरोप भारत पर लगाया है। भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर गुरपतवंत पन्नू की कथित असफल हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है। भारत ने खालिस्तान को समर्थन करने वाले गुरपतवंत सिंह पन्नू को आतंकवादी घोषित किया हुआ है। अमेरिकी के कानून विभाग ने आरोप लगाया है कि 52 साल के निखित गुप्ता भारत सरकार का सहयोगी है और उन्होंने और अन्य लोगों के साथ मिलकर न्यूयॉर्क में पन्नू की हत्या की साजिश रचने में मदद की थी। पन्नू के पास अमेरिका के साथ में कनाडाई नागरिकता है।
