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नई दिल्ली। रुस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चल रहा युद्ध अब खत्म होने वाला है। इससे पहले अमेरिका सहित कई देशों ने शांति के लिए प्रयास किए लेकिन सफल नहीं हो पाए हैं। अब उम्मीद जताई जा रही है कि भारत के प्रयास सफल हो सकते हैं और जल्द ही रुस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग थम जाएगी। इस तरह की संभावाऐं इसलिए व्यक्त की जा रही हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले रुस के राष्ट्रपति पुतिन से बात की,इसके बाद वे यूक्रेन जा रहे हैं। हो सकता है कि भारत के प्रयास रंग लाएं और वहां शांति बहाल हो जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद पहली बार अगले महीने कीव की यात्रा करेंगे। करीब एक महीना पहले इटली में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की की मुलाकात हुई थी। एक रिपोर्ट में पीएम मोदी की यूक्रेन यात्रा की बात कही है। हालांकि, अभी तक तारीख का ऐलान नहीं हुआ है। इटली में दोनों नेताओं को मिलते समय गले मिलते देखा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनावों में लगातार तीसरी जीत के बाद ज़ेलेंस्की ने उन्हें बधाई दी थी और यूक्रेन की यात्रा करने के लिए आमंत्रित किया था। इससे पहले सितंबर 2022 में उज्बेक शहर समरकंद में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक में पीएम मोदी ने कहा था, आज का युग युद्ध का नहीं है। उन्होंने पुतिन से यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए कहा। उनके संदेश को दुनिया का तमाम नेताओं से प्रशंसा मिली।इस साल मार्च में राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के साथ एक फोन कॉल में पीएम मोदी ने भारत-यूक्रेन साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने इस दौरान संघर्ष के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करने के लिए अपनी क्षमता के अनुसार हरसंभव प्रयास करता रहेगा। युद्ध शुरू होने के बाद से ही भारत का मानना रहा है कि इसे केवल बातचीत और कूटनीति के माध्यम से ही सुलझाया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि भारत किसी भी शांति प्रयास में योगदान देने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री की यूक्रेन की यात्रा से इसलिए भी युद्ध की समाप्ति के आसार बन रहे हैं क्योंकि वह रूस की यात्रा के ठीक बाद यूक्रेन की यात्रा करने वाले हैं। इससे पहले जेलेंस्की ने पीएम मोदी से मध्यस्थता करने की अपील की थी।
