फसल विविधीकरण, किसान पंजीयन और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हुए ग्रामीण
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रायपुर 03 जुलाई 2024
तंबाकू नियंत्रण की दिशा में और अधिक प्रयास एवं आने वाली पीढ़ी को तंबाकू के हानिकारक प्रभावों से बचाने के लिए संचालक स्वास्थ्य सेवाएं छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार प्रमुख विभागों के राज्य एवं जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा ब्लूमबर्ग परियोजना छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में दिनांक 3 एवं 4 जुलाई को राज्य स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जावेगा। इस दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में रेल्वे, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, आबकारी विभाग, श्रम विभाग एवं परिवहन विभाग के राज्य एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित होंगे।
ऑकड़ों की बात करें तो भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा तम्बाकू उपभोक्ता और उत्पादक है। ऐसे में तम्बाकू का सेवन एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता और चुनौती है। GATS-2, 2016-17 में बताया गया कि राज्य की कुल 39.1 प्रतिशत वयस्कों की आबादी द्वारा किसी न किसी रुप में तम्बाकू का उपयोग किया जाता है। साथ ही छत्तीसगढ़ में कार्यस्थल पर सेकेंड हैंड धुएं का एक्सपोजर 21.3% है, घर पर सेकेंड हैंड धुएं का एक्सपोजर 35% है और किसी भी सार्वजनिक स्थान पर एक्सपोजर 22.8% है। साथ ही GYTS-4 के अनुसार वर्तमान में शाला प्रवेशी 13 से 15 वर्ष आयु वर्ग के कुल 8% बच्चे भी तम्बाकू की चपेट में आ चुके हैं, जो की चिंता का विषय है।
हालाँकि NTCP और COTPA 2003 के प्रावधानों को लागू करने के प्रयास किए गए हैं, लेकिन राज्य के सभी जिलों में तंबाकू नियंत्रण की संस्थागत तंत्र को मजबूत करने और COTPA 2003 सहित अन्य तंबाकू नियंत्रण की नीतियों के अनुपालन के लिए मजबूत प्रयासों की आवश्यकता है।
