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रायपुर, 27 जून 2024

वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री-निवास के दरवाजे आज आम-नागरिकों के लिए पूरी तरह खुल गए। आज की ही तरह अब हर सप्ताह, गुरुवार के रोज, ये दरवाजे इसी तरह खुला करेंगे। इन खास दिनों में आम-औ-खास, कोई भी नागरिक, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर सकेगा।
दरअसल, मुख्यमंत्री की ही इच्छा के अनुरूप छत्तीसगढ़ शासन ने आज से एक खास कार्यक्रम- जनदर्शन – का दोबारा आगाज कर दिया है। आम नागरिकों से सीधी मुलाकात और सीधे संवाद के इस कार्यक्रम का फार्मेट ऐसा है कि मुख्यमंत्री निवास में सहज वातावरण में लोग अपनी बातों को मुख्यमंत्री के सामने रख सकते हैं। वे अपनी शिकायतें, समस्याएं, अपेक्षाएं और सुझाव आसानी से मुख्यमंत्री तक पहुंचा सकते हैं। एक साधारण सी टेबल के एक ओर मुख्यमंत्री की कुर्सी होती है और दूसरी ओर फरियादी। आस-पास ही मुख्यमंत्री के सचिवालय के अधिकारियों सहित राज्य के वरिष्ठतम अधिकारी मुख्यमंत्री के निर्देशों के परिपालन के लिए मुस्तैद खड़े होते हैं। शिकायतों और सुझावों को बकायदा रजिस्टर्ड किया जाता है, नागरिकों को टोकन दिया जाता है, ताकि शासन द्वारा की जा रही कार्यवाही की मॉनिटरिंग की जा सके और आवेदक भी समय-समय पर प्रगति की जानकारी प्राप्त कर सके। इसके लिए बकायदा एक पोर्टल तैयार किया गया है, जिसमें टोकन नंबर दर्ज करते ही प्रगति की जानकारी आवेदक के सामने होती है।
आज जनदर्शन के पहले दिन मुख्यमंत्री से मुलाकात करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। इनमें महिलाओं भी खासी संख्या में शामिल थीं। कार्यक्रम को लेकर जितना उत्साह नागरिकों में था, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी उतनी ही उत्सुकता और आत्मीयता के साथ उनसे मुलाकात करते नजर आए। आवेदकों से आवेदन लेने के साथ-साथ वे उनसे पारिवारिक ढंग से बातें भी करते नजर आए। महिलाओं ने जब महतारी वंदन योजना शुरू करने के लिए उन्हें धन्यवाद कहा तो श्री साय ने भी मुस्कुराते हुए विनम्रता से तुरंत आभार व्यक्त किया। आवेदकों के साथ आए बच्चों के साथ उन्होंने अभिभावक की तरह घुल-मिल कर बातें की। कार्यक्रम में सहायता की आस लेकर कई दिव्यांग भी पहुंचे थे, इन सभी दिव्यांगों की उम्मीदें पूरी हुईं, मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्हें तत्काल ट्रायसायकल और अन्य सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। एक महिला ने अपने कैंसर पीड़ित पति के इलाज के लिए सहायता मांगी, तो मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें आश्वस्त किया कि उन्हें हर जरूरी सहायता दी जाएगी।
वर्ष 2018 से पहले तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में यह कार्यक्रम इसी नाम से संचालित था। मुख्यमंत्री की इच्छा थी इसे दोबारा शुरू किया जाए, ताकि उनसे मिलने के इच्छुक ज्यादा से ज्यादा लोगों से मुलाकात की जा सके। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम को राज्य में सुशासन स्थापित करने और कामकाज में पारदर्शिता तथा तेजी लाने के लिए भी महत्वपूर्ण माना है। आज कार्यक्रम के पहले दिन लोगों से बात करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा- हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि आम नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों का समाधान समय-सीमा में हो सके।
