इंदौर -पिछले एक दशक में स्मार्टफोन और स्मार्टवॉच जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की क्षमताओं में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। इन उपकरणों में GPS के इंटीग्रेशन के बाद, अब स्पोर्ट्स एथलीट्स भी अपनी गतिविधियों को बारीकी से ट्रैक कर सकते हैं। इंदौर के साइकिलिस्ट और रनर्स भी अपने फोन के GPS की मदद से अपनी गतिविधियों को ट्रैक करते हैं, जिसमें स्पीड, हार्ट रेट, और टाइम जैसी जानकारी रिकॉर्ड होती है। साथ ही, वे जहां भी जाते हैं, उसका नक्शा भी बनता है।
इंदौर के एक साइकिलिस्ट, अमोल वाधवानी, अपनी राइड शुरू करने से पहले ही अपने रूट को इस तरह प्री-प्लान करते हैं कि जब उनकी एक्टिविटी खत्म होती है, तो नक्शा किसी जानी-पहचानी वस्तु या आकृति जैसा दिखाई देता है। उनके इस अद्वितीय प्रयास के कारण लोग उन्हें “साइकिलिंग पिकासो” के नाम से बुलाते हैं।
अमोल वाधवानी ने शहर के बेहतरीन 30 साइकिलिस्ट्स के साथ मिलकर शनिवार से रविवार की रात को 12 बजे से सुबह 5 बजे तक इंदौर की सड़कों पर 100 किलोमीटर साइकिल चलाकर GPS ड्राइंग की मदद से एक हार्ट और डायनासोर की आकृति बनाई। इस राइड में शहर की संकरी गलियों से लेकर चौड़े रोड और बीआरटीएस तक शामिल थे।
3 जून को वर्ल्ड बायसाइकिल डे और 5 जून को वर्ल्ड एनवायरमेंट डे के रूप में मनाया जाता है। *GPS ड्राइंग को अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए, अमोल वर्ल्ड बाइसिकल डे से पहले 2 जून को एक निशुल्क 25 किलोमीटर की साइकिल राइड का आयोजन कर रहे हैं। इस राइड को पूरा करने पर मैप पर साइकिल की आकृति बनेगी, यानी साइकिल डे को साइकिल चलाकर साइकिल बनाई जाएगी। निशुल्क रजिस्ट्रेशन www.bit.ly/Indore पर किया जा सकता है और अधिक जानकारी के लिए अमोल से 9806481311 पर संपर्क किया जा सकता है।*
GPS ड्राइंग एक अत्यंत कठिन कला है, जिसे दुनिया भर में कम ही लोग कर पाते हैं। लेकिन इंदौर में अमोल वाधवानी जैसे लोग इस कला को आगे बढ़ा रहे हैं और समूह राइड्स के जरिए अधिक से अधिक लोगों को इसका आनंद लेने का अवसर दे रहे हैं। आज ही इस इवेंट के लिए रजिस्टर करें और दुनिया को साइकलिंग की यह क्रिएटिविटी दिखाकर इंदौर को गौरवान्वित करें।
