ग्रामीणों की मांग पर बना सकालो मुरना बांध, जल संकट से मिली राहत और 45 हेक्टेयर खेती को मिला पानी
Spread the love00 374.96 लाख की लागत से...
Spread the love00 374.96 लाख की लागत से...
Spread the love00 बार-बार जनता से ठुकरायी जा...
Spread the love00 अंतागढ़ के लामकन्हार में सुनी...
“यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः‘‘ को सार्थक करते हुए छत्तीसगढ़ में महिलाओं के सशक्तिकरण के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना की शुरूआत की गई है। योजना में पात्र महिलाओं को एक हजार रूपए प्रतिमाह के मान से सालाना 12 हजार रूपए की राशि उपलब्ध कराई जायेगी। महिलाओं के स्वावलंबन की कड़ी में एक और बड़ा फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नई सरकार ने रेडी टू ईट बनाने का दायित्व अब महिला समूहों को देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा पूर्व में संचालित योजनाओं को समाहित करते हुए 10 नवीन अम्ब्रेला योजना प्रारंभ की जायेगी, ग्राम पंचायतों में महिलाओं के विकास एवं सशक्तिकरण हेतु आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के लिए महिला सदन का निर्माण किया जाएगा।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्य की जनता को दी गई गारंटी को पूरा करने के लिए महतारी वंदन योजना में छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2023-24 के अनुपूरक बजट में 1200 करोड़ रूपए और वर्ष 2024-25 के बजट में इस योजना के लिए 3 हजार करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया है। महतारी वंदन योजना में पात्र विवाहित महिलाओं को हर महिने एक-एक हजार रूपए की राशि दी जाएगी। डीबीटी के माध्यम से सीधे महिलाओं के बैंक खाते में यह राशि 10 मार्च को आएगी। महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण संबंधी देखभाल में अतिरिक्त जरूरत को यह राशि पूरा करेगी।
छत्तीसगढ़ में महिलाओं के स्वास्थ्य की बात की जाए तो 2020-21 में हुए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-5 के अनुसार 23.1 प्रतिशत महिलाएं मानक बॉडी मास इंडेक्स से कम स्तर पर हैं। 15 से 49 वर्ष के आयु की महिलाओं में एनीमिया का स्तर 60.8 प्रतिशत और गर्भवती महिलाओं में यह 51.8 प्रतिशत है। आकड़ों पर गौर करें तो यह बात स्पष्ट हो जाती है कि भले ही छत्तीसगढ़ में महिलाओं पर सामाजिक बंधन देश के अन्य हिस्सों के समान कड़ा नहीं है लेकिन आज भी वे सामाजिक एवं आर्थिक तौर पर पिछड़ी हुई हैं। इस स्थिति को बदलने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन और उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ सरकार के वर्ष 2024-25 बजट में सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्र एवं पूरक पोषण आहार के लिए 700 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा पहले से संचालित योजनाओं को समाहित करते हुए 10 नवीन अम्ब्रेला योजना प्रारंभ की जायेगी, इसके लिए 628 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 117 करोड़ का प्रावधान किया गया है। ग्राम पंचायतों में महिलाओं के विकास एवं सशक्तिकरण के लिए आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के लिए महिला सदन का निर्माण किया जायेगा, इसके लिए 50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
