नई दिल्ली । जी 20 की सफलता से भारत गदगद दिख रहा है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस सफलता को मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया है। केंद्रीय मंत्री पुरी ने भारत मिडिल ईस्ट यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर पर चर्चा की और इटली, सऊदी अरब जैसे यूरोपीय देशों के मोहभंग होने का कारण बताया। पुरी ने कहा, इस कॉरिडोर की लॉन्चिंग ने दुनिया को एक गहरा मैसेज दिया है।
उन्होंने कहा कि भारत मिडिल ईस्ट यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर के जरिए एनर्जी ट्रांसपोर्टेशन से लेकर रेलवे लाइन बनाने तक की बातचीत हो रही है। ये एक बहुत बड़ा इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट होगा। आप एक कॉरिडोर बनाने जा रहे हैं, जो भारत से यूरोप तक है। पुरी ने चीन का नाम लिए बिना कहा, बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) में समस्याएं हो रही हैं। कई यूरोपियन देश जो बीआरआई में दिलचस्पी रखते थे, वे अब कह रहे हैं कि ये डेब्ट ट्रैप (ऋण जाल) है। मैं किसी का नाम नहीं ले रहा हूं लेकिन अब डेब्ट ट्रैप के बयान आने लगे हैं।
पुरी ने कहा, हमारे भारत के आसपास जो दक्षिण एशिया में देश हैं, उन्होंने देख लिया क्या हुआ हम्बन टोटा? केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा, जी 20 की सफलता पर किसी को शक नहीं है। भारत ही नहीं, दुनियाभर में काफी समय तक इसकी चर्चा होगी। उन्होंने कहा, जी 20 का नाम जी 20 ही रहेगा। जी 21 नहीं होगा। लेकिन, इस जी 20 में अफ्रीकन यूनियन के 54 देशों को हाई टेबल पर प्रतिनिधित्व मिलेगा। जैसे ग्रुप 77 है। जब उसकी स्थापना हुई थी, तब इसमें 77 सदस्य थे और आज इस ग्रुप में 134 देश शामिल हैं। इसी तरह जी 20 में भी देश बढ़ते बढ़ते 90 से ज्यादा हो जाएंगे, लेकिन जी 20 का नाम जी 20 ही रहेगा।
ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस को लेकर केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा, इसमें कंज्यूमर देशों को साथ लिया है। कॉपरेटिव सोसाइटी को लिया है। कल तक हम लोग इसके 200 बिलिटन डॉलर मार्केट के बारे में सोच रहे थे। अब देख रहा हूं कि इसके जानकार 500 बिलियन डॉलर का मार्केट बनेगा। मुझे उम्मीद है कि आगे जाकर यह मार्केट ट्रिलियन डॉलर तक जाएगा। क्योंकि बायोफ्यूल बनाने में कोई ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ती है। अफ्रीकन और लैटिन कंट्री में इसकी सफलता आलरेडी है। बायोफ्यूल से पर्यावरण को लेकर राहत मिलेगी।
