आज लोग अक्सर अपने फैंसी फोन फिल्टर्स से सेल्फीज़ खींचते हैं और उन्हें सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं। लेकिन एक्टर योगेश त्रिपाठी का मानना है कि पुराने फैशन की तस्वीरों में कुछ तो खास बात है, जिसे डिजिटल फोन कैप्चर नहीं कर सकते हैं। वल्र्ड फोटोग्राफी डे के अवसर पर एण्डटीवी के ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ में दरोगा हप्पू सिंह का किरदार निभा रहे योगेश त्रिपाठी ने बताया कि उन्हें पुराने जमाने की फोटोग्राफी के जरिये जिंदगी के यादगार लम्हों की तस्वीरें लेना और उन्हें सहेज कर रखना कितना पसंद है। उन्होंने अपने बीते पलों की खास और यादगार तस्वीरों को फोटो एलबम्स के रूप में सहेज कर रखा है, जो उनकी अब तक की जिंदगी की दास्तां को बहुत खूबसूरती से बयां करती है। योगेश ने अपने बच्चों के जीवन के खास पलों की तस्वीरें लेकर भी खुशी देने वाली इस परंपरा को जारी रखा है, जिसमें उनके जन्म से लेकर पहला कदम चलने और स्कूल की उपलब्धियों तक की तस्वीरें शामिल हैं। अपने बचपन के दिनों को याद करते हुये, जब तस्वीरें खिंचवाना दुर्लभ हुआ करता था, अभिनेता ने कहा कि ये तस्वीरें न सिर्फ यादों को तरोताजा करती हैं, बल्कि दिल को छू लेने वाली उन भावनाओं का भी दोबारा अनुभव करने में उन्हें सक्षम बनाती हैं, जिनसे होकर वे गुजरे हैं।
जिंदगी के लम्हों को तस्वीरों में संजोने के अपने प्यार के बारे में बात करते हुये, योगेश ऊर्फ दरोगा हप्पू सिंह ने कहा, ‘‘फोटोग्राफी गहन अवलोकन की एक कला है- एक सामान्य से परिवेश में यादगार लम्हों को संजोने की यात्रा है। यह महज दृश्य नहीं, बल्कि उसे जाहिर करने का विस्तार है, जो अपने आस-पास की चीजों पर हमारी समझ दिखाता है। आज के जमाने में, बढ़िया तस्वीर लेने की चाहत अक्सर हमें खपा देती है, बैकग्राउंड को सावधानी से चुनने से लेकर सही फिल्टर्स का इस्तेमाल करने तक। एक्टर होने के नाते मैं भी इस तरीके को अपनाता हूँ। हालांकि मुझे पुराने जमाने का एक रुझान पसंद है, मैं तस्वीर के लिये परफेक्ट पलों से ज्यादा महत्व यादों को संजोने पर देता हूँ। मैं अपनी पत्नी की गर्भावस्था के नौ महीनों के सफर को संजोना बड़े उत्साह से याद करता हूँ, वह एक प्यारा-सा अध्याय है, जो मेरे फोटो एल्बम में प्यार से सहेजकर रखा गया है। मेरे बच्चे के पहली बार ठीक से खड़े होने से लेकर स्कूल के लिये सैण्डविच बनाने के गर्व से भरे पल तक, हर तस्वीर को उपलब्धियों के खजाने के तौर पर रखा हुआ है। जिन्दगी का हर पल आपको वक्त थामने की अनुमति देता है, ताकि कोई भी कीमती पल बेकार न चला जाए। मेरे बेटे को स्कूल में मिली और तस्वीरों में अमर उपलब्धियों को देखकर मुझे बड़ा ही गर्व होता है। यह फोटो एल्बम मेरी जिन्दगी के सफर का एक जीवंत वृत्तांत है, यादों के गलियारों में ताजगी लाने वाली एक यात्रा। यह विचार कई साल पहले मुंबई में मेरे शुरुआती दिनों में पनपा था, जब मैं अपने रूममेट्स के साथ छोटी-सी एक जगह पर रहता था। एक दोस्त ने खाना पकाते वक्त मेरी तस्वीर खींच ली और इससे मुझे प्रेरणा मिली। उस एक तस्वीर ने एक मेमोरी एल्बम की चाहत पैदा की, एक कलेक्शन, जो उत्साह बढ़ाए और प्रेरित करे। यह तस्वीरें मेरा उत्साह बढ़ाने की ताकत रखती हैं, मुझे पिछली उपलब्धियों की याद दिलाती हैं और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। एल्बम में बसीं यह यादें डिजिटल उपकरणों वाली कशमकश से राहत देती हैं। फोटोग्राफी से भावना और लगाव को सहेजा जा सकता है, यह माध्यम हमारे द्वारा संजोये गये पलों को अमर बना देता है। यह उन सारी गुजरती यादों का एक खजाना बन जाता है, जिन्हें हो सकता है कि हम भूल जाएं और उन्हें वक्त के बहाव से सुरक्षित रखता है।’’
‘हप्पू की उलटन पलटन में‘ योगेश त्रिपाठी को दरोगा हप्पू सिंह के रूप में देखिये, हर सोमवार से शुक्रवार रात 10:00 बजे सिर्फ एण्डटीवी पर!
