abijeet dubey /उज्जैन शहर में दर्जनों ऐसे इलाके हैं जहां पर हर साल बारिश में जलभराव की समस्या निर्मित होतीहै
,,कारण है शहर के ऐसे दर्जनों बड़े नाले जिन पर या तो अतिक्रमण कर उन्हें प्रभावित कर दिया गया या पॉलिथीन आदि कचरा फसने सेनाले चौक की स्थिति निर्मित,जिनके कारण बारिश के मौसम में हर वर्ष शहर में जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है,,कहीं घुटनों तक,,तो कहीं कमर तक जलभराव की समस्या पूर्व में देखी गई है,,ऐसे में उज्जैन नगर निगम का अमला दौड़ लगाता है कई बार तो ऐसे भी मौके आए जब प्रशासनिक अमले को भी स्पेशलटीम के साथ मोर्चा संभालना पड़ा और निचली बस्ती के लोगों को स्विफ्ट तक करना पड़ा है ऐसी ही स्थिति शहर भर की ज्यादातर नालियों की भी है,जिनकी कनेक्टिविटी ठीक से नहीं है जिससे मोहल्ले का पानीअन्य कॉलोनियों से जुड़ी नालियों या बड़े नालो तक नहीं पहुंच पाता और सड़कों पर ठैप मारकर जमा रहता है
स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम के मद्देनजर शहर में रंगाई,पुताई,सुंदरता आदि पर काम चल रहा है,जो कई जगह दिखाई भी देता है,परंतु सिटीजन फीडबैक भी इसमें अहम रोल निभाता है और जलभराव आदि की समस्या सीधे तौर पर नागरिकों को प्रभावित करती है,,,हालांकि निगमायुक्त ने आज जलभराव की समस्या का पूर्वानुमान के चलते कई इलाकों में दौरा भी किया परंतु यह आने वाले समय में नाकाफी साबित होगा,,क्योंकि वर्षों से जमे हुए अधीनस्थों की शहर में नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं के प्रतिइच्छा मर चुकी हैं ऐसे लोग ज्यादातर ड्यूटी निभाने की रस्म अदायगी के लिए काम करते हैं,,अब जिम्मेदारों को चाहिए कि अपने अमले से कैसे काम ले,,जिससे ऐसी समस्या से निजात मिल सके,विभागों में फेरबदल किया जाए या अन्य युक्ति,,जो भी हो आम नागरिकों के हित में जलभराव की समस्या से इस बार शहर को कैसे मुक्ति दिलाई जाए,,शीघ्र मंथन कर जमीन पर काम नजर आना चाहिए ताकि बारिश में यह मेहनत दिखाई दे
