नई दिल्ली । पंजाब पुलिस ने खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को मोगा जिले से गिरफ्तार कर लिया है। वह एक महीने से ज्यादा समय से फरार था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि उस पर रासुका लगा हुआ है और उसे डिब्रूगढ़ ले जाया जाएगा। इस गिरफ्तारी पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि भारत विरोधी प्रचारक और आतंकवादियों के समर्थक अमृतपाल सिंह को पहली बार में भगाने में किसने मदद की? वहीं कांग्रेस नेता पीएल पूनिया ने कहा कि अमृतपाल ने पुलिस के सामने सरेंडर किया। कानून अपना काम करेगा। ऐसी धारणा रखने वालों के खिलाफ कानून में पर्याप्त प्रावधान है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि भगोड़ा आखिर कितने दिन भागेगा, कानून के हाथ लंबे होते हैं। दहशत फैलाने वालों के ऊपर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब को उसे गिरफ्तार करने में थोड़ा लंबा समय लगा अगर जल्दी होता तो और अच्छा होता। पंजाब पुलिस के महानिरीक्षक सुखचैन सिंह गिल ने कहा कि हमें विशेष सूचना मिली थी कि अमृतपाल सिंह रोडे गांव में था, उसे घेर लिया गया और उसके फरार होने की कोई गुंजाइश नहीं थी। उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस ने मोगा जिले के रोडे गांव से सुबह 6 बजकर 45 मिनट पर अमृतपाल सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस ने अजनाला थाने पर हमला करने के बाद 18 मार्च को अमृतपाल सिंह और उसके संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ के सदस्यों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की थी। जिसके बाद से वह फरार था। पंजाब पुलिस ने लोगों से शांति एवं सौहार्द्र बनाए रखने का अनुरोध किया है। पुलिस ने ट्वीट किया, ‘‘कोई फर्जी खबर शेयर न करें, हमेशा पुष्टि करें और फिर शेयर करें।’
