तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत राव बी चव्हाण ने पेश किया
नई दिल्ली । आम बजट की तैयारियां चल रही हैं। वित्त मंत्री 1 फरवरी 2023 को आम बजट पेश करेंगी। देश के आजाद होने के बाद से अभी तक कुल 74 वार्षिक बजट पेश हो चुके हैं। इसके अलावा 14 अंतरिम बजट चार विशेष बजट या लघु बजट पेश हो चुके हैं। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि जवाहर लाल नेहरू इंदिरा गांधी और राजीव गांधी एकमात्र इसतरह के प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने बजट को पेश किया था। लेकिन क्या आप को ब्लैक बजट की जानकारी हैं। आजाद भारत में अभी तक एक बार ब्लैक बजट पेश किया गया था। देश में हर बार जब बजट पेश होता है तब एक नई उम्मीद लेकर आता है। इस बार बजट देश में वेतनभोगी वर्ग महिलाओं कारोबारियों आदि सभी को काफी उम्मीदें हैं। बजट नए सुधार नई योजनाएं और नए नियम देकर जाता है। साल 1997-98 में जो बजट पेश किया था उस ड्रीम बजट कहा जाता है लेकिन क्या आपको पता है ब्लैक बजट के बारे में। आजाद भारत में अभी तक सिर्फ एक बार ही ब्लैक बजट पेश करना पड़ा है।
ड्रीम बजट के बारे में नाम से समझ आता है। इस जनता के सपनों का बजट कहते हैं। लेकिन साल 1973 में ब्लैक बजट को पेश किया गया था। दरअसल ब्लैक बजट उस बजट को कहते हैं जिसमें सरकार को खर्च में कटौती करनी पड़ जाए। ब्लैक बजट को साधरण भाषा में समझिए अगर सरकार की आमदनी 100 रुपये हो और उसका खर्च 125 रुपये हो तब सरकार को बजट में 25 रुपये की कटौती करनी पड़ जाएगी। इसके बाद इस ब्लैक बजट कहा जाएगा। बात साल 1973-74 की है। इस दौरान सरकार ने जो बजट पेश किया था वहां 550 रुपये घाटे का था। ऐसा इसलिए था कि साल 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था। इसके बाद देश में हालात काफी खराब हो गए थे। देश आर्थिक संकट से जूझ रहा था। यह वहां साल था जब मानसून भी अच्छा नहीं हुआ था। उस समय इंदिरा गांधी की सरकार थी। इन सभी हालातों की वजह से देश की कमाई कम और खर्चा ज्यादा हो गया था। देश की अर्थव्यवस्था का काफी नुकसान हुआ था। उस समय के वित्त मंत्री यशवंत राव बी चव्हाण को ब्लैक बजट पेश करना पड़ गया था।
जब ब्लैक बजट पेश किया गया तब उसमें सामान्य बीमा कंपनियों भारतीय कॉपर कॉरपोरेशन और कोल माइन के राष्ट्रीयकरण के लिए 56 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। हालांकि बजट में 550 करोड़ रुपये का घाटा दिखाया गया था। ऐसा कहा जाता है कि कोयले की खदानों का राष्ट्रीयकरण किए जाने से काफी असर पड़ा था। कोल माइंस पर सरकार के नियंत्रण से मार्केट कॉम्पिटिशन खत्म हो गया था। आमतौर पर देश में आम बजट ही पेश किया जाता है। ब्लैक बजट आजाद भारत के इतिहास में अभी तक सिर्फ एक बार ही पेश किया गया है। आम बजट के अलावा निष्पादन बजट शून्य-आधारित बजट और अंतरिम बजट भी बजट के प्रकार हैं।
