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सहरसा, 07 नवंबर ।
पश्चिम बंगाल कोलकाता के मां दक्षिणेश्वर काली की आत्मा सहरसा जिला के कहरा प्रखंड अंतर्गत चैनपुर गांव स्थित आदि काली मंदिर के पिंडी में भी बसती है। चैनपुर गांव में काली पूजा की करीब 156 साल पुराना इतिहास एवं परंपरा है। चैनपुर मां काली मंदिर में श्रद्धालुओं को कोलकाता दक्षिणेश्वर मां काली की आभा महसूस होती है। यहां सालों भर भक्त एवं श्रद्धालुगण मां काली की पिंडी दर्शन व पूजा कर आध्यात्मिक उर्जा से अभिभूत होते रहते हैं।
*चैनपुर में काली पूजा की 1870 से बनी है परंपरा-*
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वर्ष 1870 में चैनपुर गांव निवासी साधक सिंहेश्वर दत्त ठाकुर द्वारा कोलकाता के मां दक्षिणेश्वर काली मंदिर की पिंडी की मिट्टी से चैनपुर गांव के पछवारी टोला में प्राण-प्रतिष्ठा किया था। महामहोपाध्याय पं. अमृतनाथ झा द्वारा पूजा पद्धति बनाकर विधिवत पूजा-अराधना प्रारंभ किया गया। ग्रामीण कहते हैं कि दक्षिणेश्वर काली कोलकाता में भी 1847 में मंदिर निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ था।
*मां काली के जन्म के साथ ही भक्ति भाव से पूजा-अर्चना में जुट जाते हैं श्रद्धालु*
