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फर्रुखाबाद, 04 नवंबर । उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद की जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर की अध्यक्षता में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अंतर्गत जिला स्तरीय समिति की बैठक बुधवार काे कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं शुद्धता सुनिश्चित करने, मिलावट पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के संबंध में विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रवर्तन संबंधी कार्यवाहियों में तेजी लाई जाए। शासन द्वारा निर्धारित निर्देशों के अनुरूप खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं विक्रय से जुड़े प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण करते हुए अधिक से अधिक खाद्य नमूने संग्रहित किए जाएं। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट एवं गुणवत्ता से संबंधित अनियमितताओं को किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नमूनों की प्रयोगशाला जांच में खाद्य पदार्थ असुरक्षित अथवा मानक के अनुरूप नहीं पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान संचालक के विरुद्ध नियमानुसार कठोर एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से मिठाई विक्रय करने वाले प्रतिष्ठानों पर निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि मिठाई के डिब्बों पर उपयोग की तिथि (Use By Date) अंकित करना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराया जाए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी निरीक्षण के दौरान इस बात की जांच करें कि प्रतिष्ठानों द्वारा मिठाई के डिब्बों पर निर्धारित उपयोग तिथि स्पष्ट रूप से अंकित की जा रही है अथवा नहीं। यदि जांच के दौरान मिठाई के डिब्बों पर उपयोग की तिथि अंकित नहीं पाई जाती है तो संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध नियमानुसार चालान की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है तथा इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं विक्रय से जुड़े प्रतिष्ठानों में स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि खाद्य पदार्थ तैयार करते समय कारीगरों एवं उनके सहायकों द्वारा अनिवार्य रूप से मास्क, हैंड ग्लव्स, फुट कवर एवं हेड कैप का प्रयोग किया जाए। खाद्य पदार्थों को तैयार करने, रखने एवं पैकिंग करने के स्थानों पर साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। प्रतिष्ठान संचालक यह सुनिश्चित करें कि खाद्य सामग्री किसी भी प्रकार से दूषित न हो तथा खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंधी निर्धारित मानकों का पूर्ण पालन किया जाए। इस संबंध में प्राप्त होने वाली शिकायतों पर जांच कर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सहायक आयुक्त खाद्य को निर्देशित किया कि असुरक्षित पाए जाने वाले मिष्ठान एवं खाद्य पदार्थों के निस्तारण की प्रक्रिया के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए, जिससे आमजन एवं खाद्य कारोबारियों को इसके संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण, नमूना संग्रहण एवं प्रभावी प्रवर्तन कार्यवाहियां निरंतर जारी रखी जाएं। साथ ही खाद्य कारोबारियों को भी खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि जनपद में सुरक्षित एवं स्वच्छ खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य अजीत कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं जिला स्तरीय समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
