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– सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर मुख्यमंत्री ने किया योजना का शुभारंभ, पहले चरण में गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर, झांसी और गौतमबुद्धनगर में बनेंगे केंद्र
लखनऊ, 31 अक्टूबर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोकभवन में लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में सरदार वल्लभभाई पटेल स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन विकसित किए जाएंगे। पहले चरण में गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर, झांसी और गौतमबुद्धनगर में इन केंद्रों की स्थापना की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके बाद सभी 18 मंडल मुख्यालयों और फिर प्रदेश के प्रत्येक जनपद तक योजना का विस्तार होगा। इन केंद्रों पर युवाओं का पंजीकरण, उनकी रुचि एवं योग्यता के अनुसार कौशल प्रशिक्षण तथा रोजगार की व्यवस्था एक ही छत के नीचे उपलब्ध होगी। विदेशों में नौकरी के इच्छुक युवाओं को संबंधित देश की भाषा और आवश्यक कौशल का प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था भी की जाएगी।
पहले 18 मंडल मुख्यालय, फिर सभी 75 जिलों तक विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में पांच जनपदों से योजना प्रारंभ की गई है। सभी 18 मंडल मुख्यालयों के लिए धनराशि की व्यवस्था पहले ही की जा चुकी है। जमीन उपलब्ध होते ही केंद्रों का निर्माण कराया जाएगा। गौतमबुद्धनगर में यमुना प्राधिकरण यह केंद्र विकसित कर रहा है और टाटा जैसी संस्था उससे जुड़ चुकी है। गोरखपुर में गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण भी इस पहल से जुड़ा है। कोई युवा हाईस्कूल पास है और काम चाहता है तो केंद्र पर उसका पंजीकरण होगा। उसकी रुचि के अनुसार स्किलिंग होगी और फिर किसी संस्थान, फैक्टरी अथवा अन्य क्षेत्र में प्लेसमेंट कराया जाएगा। नर्सिंग का प्रशिक्षण प्राप्त युवा जापान या जर्मनी जाना चाहता है तो उसे संबंधित देश की भाषा सिखाई जाएगी। वहां की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण देकर संबंधित दूतावास के सहयोग से रोजगार की व्यवस्था होगी। कोई युवा ही नहीं, अधिक उम्र का व्यक्ति भी रोजगार चाहता है तो वह एम्प्लॉयमेंट जोन में जा सकेगा।
उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण, कई संस्थाओं से एमओयू
मुख्यमंत्री ने बताया कि टाटा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स, अशोक लीलैंड, बीबीसी ग्रुप, पीटीसी, सीआईपैट, एशियन डेवलपमेंट बैंक, मिंडा और अवाडा जैसी संस्थाओं के साथ एमओयू किए गए हैं। इन संस्थाओं के अनुभव और तकनीक का लाभ युवाओं को मिलेगा। उन्होंने लखनऊ में वाहन निर्माण और अशोक लीलैंड के इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग में वैल्यू एडिशन से किसानों की आय कई गुना बढ़ सकती है। दूध से छाछ, घी, मक्खन और पनीर जैसे उत्पाद बनाकर अधिक मूल्य प्राप्त किया जा सकता है। इसी तरह फल-सब्जियों की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग से बेहतर आमदनी संभव है।
मुख्यमंत्री युवा योजना से स्वरोजगार, पढ़ाई के साथ स्किलिंग का अवसर
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में जॉब कार्ड प्राप्त करने वाले युवाओं को बधाई दी। उन्होंने सीएम युवा योजना के अंतर्गत पांच लाख रुपये तक की ब्याजमुक्त और गारंटीमुक्त सहायता तथा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक साथ दो डिग्री अथवा पाठ्यक्रमों से जुड़ने की व्यवस्था की है। युवा कॉलेज की पढ़ाई के साथ कौशल प्रशिक्षण भी प्राप्त कर सकते हैं। प्रतिदिन कुछ घंटे स्किलिंग के लिए निकालकर अपने रोजगार की संभावनाएं बढ़ा सकते हैं। सरदार पटेल के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि युवाओं को राष्ट्रीय एकता, कौशल और रोजगार से जोड़ना है। सरकार इसी संकल्प के साथ सभी 75 जिलों में एम्प्लॉयमेंट जोन विकसित करेगी।
बीमारू यूपी नहीं था, पिछली सरकारों की मानसिकता बीमारू थी
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पहले लोग कहते थे उत्तर प्रदेश नहीं बदल सकता। हमने कहा कि यूपी बदलेगा जरूर। जो बदलना नहीं चाहते थे, उन्होंने यूपी को बीमारू बना दिया था। बीमारू यूपी नहीं था, उनकी मानसिकता बीमारू थी जो उस समय शासन कर रहे थे। पिछली सरकारों ने हर जिले में माफिया पाल रखे थे। युवाओं की नौकरियों और रोजगार पर इनके माफिया और डकैत कब्जा कर लेते थे।
कांग्रेस-सपा गरीबों का पैसा खा जाती थीं, पीएम मोदी ने बंद की बंदरबांट
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस व समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनधन खातों की बात की थी तो कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य लोग हंसते थे। कांग्रेस के समय एक प्रधानमंत्री अपनी लाचारी बताते थे कि 100 रुपये भेजते हैं तो गरीब तक केवल 15 रुपये ही पहुंचते हैं। वह रुपया घिसता-घिसता नहीं जाता था, बल्कि इनके लोग निगल जाते थे, बंदरबांट कर लेते थे। गरीब का पैसा, विकास का पैसा ये लोग खा जाते थे। जनधन खातों ने सुनिश्चित किया कि पैसा जिसके लिए है, उसी तक पहुंचे। अब 100 रुपये भेजने पर पूरे 100 रुपये सीधे खाते में पहुंचते हैं, कोई कट मनी नहीं होती। कांग्रेस के समय पीसीओ खुलते थे, पैसे देने पर भी टेलीफोन कनेक्शन नहीं मिलता था।
फ्रेजाइल फाइव से टॉप फाइव अर्थव्यवस्था बना भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज भारत दुनिया की पांच बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना है। सरदार पटेल भारत की एकता के शिल्पी थे। उन्होंने 563 से अधिक रियासतों को एकजुट कर अखंड भारत के निर्माण में अविस्मरणीय योगदान दिया। वह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, संविधान सभा के महत्वपूर्ण स्तंभ, देश के पहले गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री थे। गुजरात के केवड़िया में स्थापित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सरदार पटेल के विराट व्यक्तित्व का प्रतीक है। हमारी जाति, प्रांत, मत, संप्रदाय, रंग, रूप, बोली और भाषा अलग हो सकती है, लेकिन हमारा भाव एक है, ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’। यही विकसित भारत का आधार है। सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सरदार पटेल के सपनों को साकार करने और आतंकवाद, अलगाववाद, उग्रवाद और नक्सलवाद से मुक्त सुरक्षित भारत बनाने का श्रेय दिया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक, एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर सहित विधायकगण, शासन व उद्योग जगत के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योगपति एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
