GWALIOR TRUCK ACCIDENT : मौत बनकर दौड़ा ट्रक, 15 की जान गई!
Spread the loveग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला...
Spread the loveग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला...
Spread the loveरायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने...
Spread the loveनई दिल्ली, 18 अक्टूबर। विदेशमंत्री डॉ....
नई दिल्ली, 18 अक्टूबर । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘चलो यमुना अभियान’ के तहत आईटीओ स्थित हाथी घाट पर श्रमदान के माध्यम से स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया। उनके साथ युवा, स्वयंसेवी संस्था और स्थानीय नागरिक के साथ-साथ दिल्ली विधानसभा के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) और विधायक अभय वर्मा भी थे।
रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा, ” आज दिल्ली के हज़ारों निवासी यमुना के 70 घाटों पर एकजुट हुए और उनकी सफाई की। यह हम सभी के लिए खुशी का पल है। जब ‘यमुना स्वच्छता अभियान’ के तहत लोगों से अपील की गई, तो दिल्ली के हजारों युवाओं के साथ-साथ कई रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आईडब्ल्यूए) और विभिन्न सामाजिक संगठन इसमें हिस्सा लेने के लिए आगे आए। उन्होंने माँ यमुना के प्रति अपनी श्रद्धा को सेवा में बदलकर एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। जन-भागीदारी का यह प्रयास माँ यमुना को उनके मूल स्वरूप में वापस लाने के हमारे संकल्प को नई शक्ति देता है। मैं दिल्ली के सभी निवासियों से आग्रह करती हूं कि वे यमुना के घाटों और किनारों पर प्लास्टिक, पूजा-सामग्री या अन्य कचरा न फेंकें। घाटों की स्वच्छता बनाए रखें और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें। आइए, हम सब ‘यमुना प्रमुख’ बनें। माँ यमुना की स्वच्छता को केवल एक अभियान तक सीमित न रखकर, इसे अपने स्वभाव का हिस्सा बना लें।”
उन्होंने कहा कि दिल्ली में यमुना के पूरे किनारे पर लोग इस सफाई अभियान में पूरी सक्रियता से जुटे हुए हैं। उनका मानना है कि स्वच्छता जीवन जीने का एक तरीका है, जिसे सभी को अपने रोजमर्रा के जीवन में अपनाना चाहिए। आज यमुना की सफाई के दौरान देवी-देवताओं के वस्त्र, टूटी हुई मूर्तियां और धार्मिक अनुष्ठानों में इस्तेमाल होने वाली कई अन्य चीजें मिलीं। लोग अक्सर ऐसी ढेरों चीजें और अवशेष नदी में छोड़ देते हैं, जिससे यमुना प्रदूषित होती है। इसके अलावा, यमुना के प्रदूषण के और भी कई कारण हैं। लेकिन सरकार उन पर सख्ती से काम कर रही है और मदद के लिए कई संगठनों से भी संपर्क किया है। दिल्ली सरकार इन समस्याओं से बहुत सख्ती से निपट रही है। सिर्फ पिछले एक साल में ही नालों से लाखों टन गाद निकाली गई है। धीरे-धीरे यमुना तब और साफ दिखने लगेगी जब इस शहर के निवासी एकसाथ मिलकर नदी को साफ करने की इस मुहिम में अपना योगदान दें।
वहीं, दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने यमुना मेगा सफाई अभियान में हिस्सा लिया और कहा कि यमुना दिल्ली के हर निवासी के लिए जीवन रेखा है और लोग अब यह बात समझ रहे हैं। यमुना में बहने वाली गंदगी और नालों की सफाई करना सरकार की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्यमंत्री के सहयोग से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जा रहे हैं, सीवर कनेक्शन लगाए जा रहे हैं और इस दिशा में काम चल रहा है।
