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नई दिल्ली, 16 अक्टूबर । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सेवा संकल्प अभियान के तहत शुक्रवार को आजादपुर स्थित एपीएमसी कार्यालय से दिल्ली की विभिन्न कृषि मंडियों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने वाली चार विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं के तहत मंडियों में आंतरिक सड़कों, जल निकासी, भंडारण और तकनीक आधारित प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य किसानों, व्यापारियों, श्रमिकों और मंडियों में आने वाले लोगों को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि कृषि मंडियां किसानों की मेहनत और उनकी उपज को बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मंडियों में बेहतर बुनियादी ढांचा होने से कृषि उत्पादों की आवाजाही, भंडारण और सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। सरकार मंडियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर उनकी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, केशोपुर फल एवं सब्जी मंडी में 9.48 करोड़ रुपये की लागत से 20 वर्ष से अधिक पुरानी आंतरिक सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इससे वाहनों की आवाजाही सुगम होगी और किसानों, व्यापारियों तथा कृषि उत्पादों के परिवहन में होने वाली परेशानियां कम होंगी।
वहीं, करीब 33 एकड़ में फैली नरेला नई अनाज मंडी में दो अस्थायी शेड बनाए जाएंगे। इससे किसानों और व्यापारियों को अनाज रखने के लिए ढकी हुई जगह मिलेगी और बारिश तथा खराब मौसम के कारण उपज को होने वाले नुकसान का जोखिम कम होगा।
आजादपुर नई सब्जी मंडी के बी और सी ब्लॉक में लगभग 30 वर्ष पुरानी सीवर और ड्रेनेज लाइनों से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। पुरानी लाइनों के धंसने, टूटने, अवरुद्ध होने और पानी के रिसाव जैसी समस्याओं को दूर करने से जलभराव कम करने तथा स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा, आजादपुर फल एवं सब्जी मंडी के प्रवेश और निकास द्वार पर ‘स्लो स्पीड वे इन मोशन’ प्रणाली स्थापित की जाएगी। इस तकनीक के जरिए व्यावसायिक वाहनों को पूरी तरह रोके बिना उनका वजन किया जा सकेगा। इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तैयार होने से वजन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और मंडी प्रबंधन में जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल पुरानी सुविधाओं की मरम्मत करना नहीं, बल्कि ऐसा मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करना है, जो अगले 100 वर्षों की जरूरतों को पूरा कर सके। इसके लिए प्रत्येक मंडी की आवश्यकताओं का आकलन कर दीर्घकालिक विकास योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि मंडियों में आंतरिक सड़कों, सीवर-पाइपलाइन, ड्रेनेज, कचरा निस्तारण केंद्रों और आवारा पशुओं की रोकथाम से जुड़े कार्यों पर ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही प्रकाश व्यवस्था, श्रमिकों के लिए भोजन और अन्य बुनियादी सुविधाओं तथा स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों की उपलब्धता बेहतर बनाने की दिशा में भी काम होगा। व्यापारियों और आढ़तियों के कार्यस्थलों एवं काउंटरों को बेहतर बनाने के साथ श्रमिकों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडियों के आधुनिकीकरण में सुरक्षा और तकनीक की अहम भूमिका होगी। इसके तहत सीसीटीवी कैमरे, कंट्रोल एंड कमांड सेंटर और निजी व व्यावसायिक वाहनों की जरूरतों के अनुरूप सुविधाएं विकसित की जाएंगी। गाजीपुर, नरेला, आजादपुर और केशोपुर सहित सभी मंडियों में उनकी विशिष्ट जरूरतों के अनुसार विकास कार्य कराए जाएंगे।
रेखा गुप्ता ने बताया कि फल एवं सब्जी मंडी टिकरी खामपुर के विकास के लिए कंसल्टेंट नियुक्त किए जा चुके हैं और आगे की प्रक्रिया जारी है। प्रत्येक मंडी में किए जाने वाले कार्यों की सूची तैयार की गई है। इन कार्यों के समन्वय और निगरानी की जिम्मेदारी दिल्ली कृषि विपणन बोर्ड के उपाध्यक्ष को सौंपी गई है।
दिल्ली के विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि राजधानी की मंडियों में पिछले कई वर्षों से लंबित विकास कार्यों को गति दी जा रही है। आजादपुर, केशोपुर और नरेला मंडियों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में नई शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर 15 से 20 वर्षों से सड़कें नहीं बनी थीं, जबकि कुछ क्षेत्रों में लगभग 30 वर्षों से सीवर संबंधी सुविधाओं की कमी थी। अब इन समस्याओं का समाधान करते हुए मंडियों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
मिश्रा ने बताया कि नरेला मंडी के विस्तार की नई परियोजना पर काम शुरू हो रहा है। आने वाले वित्तीय वर्ष में नई फूल मंडी का निर्माण शुरू करने की योजना है। इसके साथ ही खांमपुर में विश्वस्तरीय आधुनिक मंडी विकसित करने की दिशा में भी काम आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों, व्यापारियों और मजदूरों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा कृषि व्यापार को आसान बनाना है।
कार्यक्रम में सांसद योगेन्द्र चांदोलिया, कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा, दिल्ली कृषि विपणन बोर्ड के उपाध्यक्ष अर्जुन शर्मा, विधायक राजकुमार भाटिया सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
