पीएम-किसान सम्मान निधि बनी उमेन्द्र की खेती का सहारा, खाद-बीज की जरूरतों को पूरा करने में मिल रही मदद
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संयम जीवन माता-पिता के आशीर्वाद से प्राप्त हुआ प्रियमश्रीयमरसाजीयमरसा जी
इन्दौर: (प्रो. सतीश चोपड़ा) द्वारका पुरी में विराजित श्रीयमरसा श्रीजी का अवतरण दिवस भक्तिभाव, आध्यात्मिक उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुबह शीतलनाथ जैन मंदिर में संगीतमय स्नात्र पूजन का आयोजन किया गया, तत्पश्चात नमो नवकार सेवा आश्रम के बच्चों द्वारा संगीतमय प्रस्तुति के माध्यम से साध्वी भगवंत को अवतरण दिवस की शुभकामनाएं की दी ।सतीश जैन और अमृत मुणत ने बताया कि दोनों साध्वियाँ इन्दौर में पली बढ़ी हैं तथा उन्होंने माता-पिता के संस्कारों को जीवन में अंगीकार करके संयम जीवन को स्वीकार किया। विधिकारक अरविन्द चोरड़िया ने कहा कि साधु का जीवन वंदनीय है क्योंकि यह जीवन तलवार की धार से भी कठिन है, उन्होंने कहा कि अवतरण दिवस के इस पावन प्रसंग पर दोनो गुरू बहनों से यह संकल्प लें कि जीवन में कभी किसी का बुरा नहीं करेंगे, यही संकल्प जन्म दिन का सच्चा उपहार होगा, आपने सुन्दर गीतो के माध्यम से श्रद्धा-भक्ति का माहौल बना दिया आपके गीतो पर समाजजनो ने नृत्य के माध्यम से अपनी खुशी का इज़हार किया।इस अवसर पर बोलते हुये प्रियमरसा श्रीजी ने कहा कि पिछले दिनो शीतलनाथ मंदिर में चोरी की घटना घटित हुई जिसमें जब सिकंदराबाद निवासी दिनेश भाई कामदार को इस घटना की जानकारी हुई तो उन्होंने पूछा कितना नुकसान हुआ, मेरे मुंह से सहसा निकल गया कि लगभग 30-35 हजार का नुकसान हुआ है, उन्होंने कहा कि श्रीयम महाराज सा. के जन्म दिन पर पेढ़ी पर 36/- हजार रु मेरी ओर से लिखवा दीजिये।श्रीयमरसा श्रीजी ने बताया कि आज में साध्वी के रूप में हूं, इसका श्रेय मेरी मम्मी को है। पूरे परिवार का विरोध होने के पश्चात भी मेरी मम्मी ने दृढ़ निश्चय कर लिया था, मेरी बेटियों को मैं संसार के चक्र में डालना नहीं चाहती हूं, फिर पापा तैयार हुए और अन्त में पूरा परिवार संयम जीवन देने के लिये सहमत हुए। आपने श्री संघ को भी अपना माता-पिता बताते हुये कहा कि आप सभी जो मुझसे बड़े हैं यह आशीर्वाद दें की हमारा संयम जीवन निरन्तर आगे बढ़े तथा हम धर्म साधना करते हुये अपने अन्तिम लक्ष्य मोक्ष की ओर बढ़े। समाजजनो ने आपको अक्षत से बधाते हुए कामना की आपका जीवन दीर्घायु हो, आप सुख-साता में रहते हुये धर्म और साधना के मार्ग पर आगे बढ़े और समाजजनो को भी इस मार्ग पर आगे बढ़ने का आशीर्वाद दें।इस अवसर पर आये छोटे-2 बच्चों को विशेष उपहार दिये गये हैं, 5 लक्की ड्रा निकाले गये जो संयोगवश छोटे बच्चों को प्राप्त हुये। इस मांगलिक अवसर पर समाजजनो द्वारा प्रभावना व सेवा कार्य भी किये गये ।
