रायगढ़ के छात्र कृष्ण अग्रवाल को 12वें राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता में मिला सम्मान
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मुंबई, 14 अक्टूबर 2026: आईसीआईसीआई लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड के निदेशक मंडल ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के वित्तीय नतीजों को मंजूरी देते हुए उन्हें स्वीकार कर लिया है।कंपनी का नाम बदलकर ‘आईसीआईसीआई लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड’ कर दिया गया है। यह कंपनी की 25 वर्षों की यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इस दौरान कंपनी ने 20 करोड़ से अधिक भारतीयों के सपनों और वित्तीय भविष्य को सुरक्षित बनाने में योगदान दिया है। इस नए अध्याय की शुरुआत के साथ ही कंपनी अपने सभी हितधारकों के लिए ‘हर कल आसान’ बनाने के अपने संकल्प पर कायम है। ग्राहक को प्राथमिकता देने की सोच के साथ कंपनी लोगों के वित्तीय भविष्य को सुरक्षित बनाने की प्रक्रिया को और सरल, पारदर्शी, सुविधाजनक और जरूरतों के अनुसार लचीला बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।कंपनी उन बीमा क्षेत्रों पर लगातार ध्यान दे रही है, जिनकी जरूरत भारत में बड़ी संख्या में लोगों को है, लेकिन जहां अभी बीमा सुरक्षा की पहुंच सीमित है। इनमें सुरक्षा बीमा और वार्षिकी बीमा प्रमुख हैं। वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में खुदरा सुरक्षा बीमा कारोबार में सालाना आधार पर 47.2% और वार्षिकी बीमा कारोबार में 50.0% की वृद्धि दर्ज की गई। इसके परिणामस्वरूप, खुदरा ग्राहकों को दीजाने वाली बीमा सुरक्षा राशि सालाना आधार पर 34.9% बढ़कर 2.32 लाख करोड़ रुपये हो गई। यह ग्राहकों को मिलने वाली बीमा सुरक्षा के दायरे में उल्लेखनीय विस्तार को दर्शाता है।कंपनी की प्रमुख टर्म बीमा योजना ‘आईप्रोटेक्ट स्मार्ट प्लस’ को नीलसनआईक्यू के उपभोक्ता शोध के आधार पर ‘वर्ष 2026-27 का सर्वश्रेष्ठ उत्पाद’ पुरस्कार मिला है। यह उपलब्धि नए और ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप उत्पाद पेश करने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही के दौरान आर्थिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण रहीं। इसके बावजूद कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन किया। इसमें उसके विविध वितरण नेटवर्क, ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप उत्पादों और प्रक्रियाओं, उद्योग में अग्रणी गुणवत्ता मानकों तथा जोखिम प्रबंधन और पूंजी की मजबूत स्थिति का महत्वपूर्ण योगदान रहा।इस अवधि में नए कारोबार से प्राप्त प्रीमियम सालाना आधार पर 25.0% बढ़कर 11,821 करोड़ रुपये हो गया। नए कारोबार का मूल्य (वीएनबी) 22.3% बढ़कर 1,283 करोड़ रुपये रहा, जबकि इसका मार्जिन 26.0% रहा। कर चुकाने के बाद मुनाफा (पीएटी) सालाना आधार पर 26.5% बढ़कर 760 करोड़ रुपये हो गया।कंपनी का एम्बेडेड वैल्यू (ईवी) सालाना आधार पर 12.2% बढ़कर 56,669 करोड़ रुपये रहा। वहीं, पहले से जारी बीमा पॉलिसियों से भविष्य में होने वाले कारोबार के मूल्य (वीआईएफ) में 12.0% की वृद्धि दर्ज की गई और यह 42,389 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।कंपनी कामकाज की दक्षता बढ़ाने और ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए बड़े स्तर पर कारोबार करने से मिलने वाले लाभ, तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल सुविधाओं का उपयोग कर रही है। वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कंपनी ने बचत से जुड़ी 54% बीमा पॉलिसियां उसी दिन जारी कीं, जिस दिन उनके लिए आवेदन किया गया था।जीएसटी को छोड़कर प्रीमियम की तुलना में खर्च का अनुपात सालाना आधार पर 0.30 प्रतिशत अंक घटकर 18.3% रह गया। इसी अवधि में बचत से जुड़ी पॉलिसियों के लिए यह अनुपात 0.90 प्रतिशत अंक घटकर 11.6% रहा।वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कंपनी का दावा निपटान अनुपात 99.3% रहा। जिन मृत्यु दावों की जांच की जरूरत नहीं थी, उनके निपटान में औसतन 1.1 दिन का समय लगा। इस अवधि में कंपनी ने मृत्यु दावों के तहत 2,627 करोड़ रुपये का भुगतान किया। इसके अलावा, पॉलिसी की अवधि पूरी होने पर मिलने वाली राशि और पॉलिसी के दौरान निर्धारित समय पर दिए जाने वाले लाभों के रूप में 8,634 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। यह जरूरत के समय ग्राहकों को समय पर वित्तीय सुरक्षा और मानसिक सुकून देने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।आईसीआईसीआई लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) श्री सिद्धार्थ मिश्रा ने कहा, “ग्राहकों को प्राथमिकता देना हमेशा से आईसीआईसीआई लाइफ के कामकाज का मूल आधार रहा है और आने वाले वर्षों में भी यही सोच हमारे सभी कार्यों का मार्गदर्शन करती रहेगी। सुरक्षा बीमा और वार्षिकी बीमा हमारी दीर्घकालिक रणनीति के केंद्र में हैं, क्योंकि भारत में इनकी जरूरत के बावजूद इनकी पहुंच अभी सीमित है। विविध वितरण नेटवर्क, नए और ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप उत्पादों, ग्राहक-केंद्रित बिक्री एवं सेवा व्यवस्था, उद्योग में अग्रणी गुणवत्ता मानकों और जोखिम प्रबंधन व पूंजी की मजबूत स्थिति के दम पर हमारा संगठन उभरते अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार है। हमारी प्रतिबद्धता कारोबार की मजबूती, लाभप्रदता, जोखिम और सावधानी के बीच संतुलन बनाए रखते हुए नए कारोबार के मूल्य (वीएनबी) में टिकाऊ वृद्धि हासिल करना है।”प्रमुख प्रदर्शन संकेतकप्रीमियम: वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में नए कारोबार से प्राप्त प्रीमियम सालाना आधार पर 25.0% बढ़कर 11,821 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2026 की इसी अवधि में 9,456 करोड़ रुपये था। वार्षिक प्रीमियम समतुल्य (एपीई) में 15.1% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई। यह वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही के 4,286 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में 4,935 करोड़ रुपये हो गया। इस अवधि में कुल सुरक्षा बीमा कारोबार के एपीई में सालाना आधार पर 39.5% की वृद्धि हुई। खुदरा सुरक्षा बीमा का एपीई 47.2% बढ़कर 309 करोड़ रुपये से 455 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, वार्षिकी बीमा का एपीई 50.0% बढ़कर 216 करोड़ रुपये से 324 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।बीमा सुरक्षा राशि: वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में नए खुदरा कारोबार के तहत बीमा सुरक्षा राशि सालाना आधार पर 34.9% बढ़कर 2.32 लाख करोड़ रुपये हो गई। कंपनी के ग्राहकों की सभी सक्रिय जीवन बीमा पॉलिसियों के तहत कुल बीमा सुरक्षा राशि 18.4% बढ़कर 30 सितंबर 2025 के 42.16 लाख करोड़ रुपये से 30 सितंबर 2026 को 49.92 लाख करोड़ रुपये हो गई।खर्च: जीएसटी को छोड़कर प्रीमियम की तुलना में खर्च का अनुपात सालाना आधार पर 0.30 प्रतिशत अंक घटकर 18.3% रहा। बचत से जुड़ी पॉलिसियों के लिए यह अनुपात 0.90 प्रतिशत अंक घटकर 11.6% रहा। जीएसटी सहित प्रीमियम की तुलना में खर्च का अनुपात सालाना आधार पर 0.80 प्रतिशत अंक बढ़कर 20.0% हो गया। वहीं, बचत से जुड़ी पॉलिसियों के लिए जीएसटी सहित यह अनुपात 12.7% पर स्थिर रहा।लाभप्रदता: वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में नए कारोबार का मूल्य (वीएनबी) सालाना आधार पर 22.3% बढ़कर 1,283 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान वीएनबी मार्जिन 26.0% रहा। कर चुकाने के बाद मुनाफा (पीएटी) वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही के 601 करोड़ रुपये से 26.5% बढ़कर वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में 760 करोड़ रुपये हो गया।एम्बेडेड वैल्यू: 30 सितंबर 2026 तक कंपनी का एम्बेडेड वैल्यू (ईवी) सालाना आधार पर 12.2% बढ़कर 56,669 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, पहले से जारी पॉलिसियों से भविष्य में होने वाले कारोबार के मूल्य (वीआईएफ) में 12.0% की वृद्धि हुई और यह 42,389 करोड़ रुपये रहा।दावा निपटान अनुपात: वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कंपनी का दावा निपटान अनुपात 99.3% रहा। जिन व्यक्तिगत मृत्यु दावों की जांच की जरूरत नहीं थी, उनका निपटान औसतन 1.1 दिन में किया गया।पॉलिसी जारी रखने की दर: वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में 13वें महीने और 49वें महीने की पॉलिसी जारी रखने की दर क्रमशः 84.5% और 71.6% रही। यह दर बताती है कि पॉलिसी लेने वाले कितने ग्राहक तय समय के बाद भी अपनी पॉलिसी चालू रखते हैं।सॉल्वेंसी अनुपात: 30 सितंबर 2026 तक कंपनी का सॉल्वेंसी अनुपात 229.9% रहा, जबकि नियामकीय आवश्यकता 150% है। यह अनुपात बीमा कंपनी की वित्तीय देनदारियों को पूरा करने की क्षमता को दर्शाता है।प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां: 30 सितंबर 2026 तक कंपनी की प्रबंधन के तहत कुल परिसंपत्तियां (एयूएम) 3.29 लाख करोड़ रुपये रहीं। इसमें वह कुल धनराशि शामिल होती है, जिसका प्रबंधन कंपनी अपने ग्राहकों और पॉलिसीधारकों की ओर से करती है।ईएसजी: कंपनी प्रमुख वैश्विक और भारतीय ईएसजी रेटिंग एजेंसियों के आकलन के अनुसार, भारतीय जीवन बीमा उद्योग में अपनी उच्च रैंकिंग बनाए हुए है। ईएसजी के तहत किसी कंपनी के पर्यावरण के प्रति दृष्टिकोण, सामाजिक जिम्मेदारी और कामकाज में पारदर्शिता एवं सुशासन जैसे पहलुओं का आकलन किया जाता है।
