साइबर अपराधों से सुरक्षा के लिए जनभागीदारी जरूरी, साइबर जागरूकता को जनआंदोलन बनाना होगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
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Spread the love नई दिल्ली, 10 अक्टूबर ।...
मथुरा, 09 अक्टूबर । वृंदावन संत प्रेमानंद महाराज ने अपने शिष्यों और साधकों को विपरीत परिस्थितियों और सामाजिक विरोध का सामना संयम व धैर्य से करने का संदेश दिया है। शिष्य रसिक दुलारी प्रकरण के बाद पहली बार केलिकुंज आश्रम पहुंचे संत प्रेमानंद महाराज का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें वे साधकों को अपमान और निंदा से न घबराने की सलाह दे रहे हैं।
हाल ही में आश्रम से जुड़े शिष्य की मौत और क्रिकेटर विराट कोहली के संदर्भ में आश्रम पर उठे सवालों के बीच, प्रेमानंद महाराज ने कहा कि यदि आपसे कोई गलती नहीं हुई है, तो समाज द्वारा की जाने वाली बुराई या आलोचना से बेचौन होने की आवश्यकता नहीं है। इसे भगवान का श्कड़वा प्रसादश् मानकर स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने साधकों को सिखाया कि निंदा या अपमान का जवाब देने के बजाय मौन रहकर अपनी भक्ति, आचरण और साधना पर ध्यान केंद्रित करें। महाराज जी ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में मन को शांत रखना और अहंकार से दूर रहना ही सच्चे साधक की पहचान है। केलिकुंज आश्रम पहुंचने पर दिया गया यह उपदेश सोशल मीडिया और श्रद्धालुओं के बीच काफी चर्चा में बना हुआ है।
