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नई दिल्ली, 07 अक्टूबर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमेशा की तरह आज प्रातः एक्स पर सबसे पहले सुभाषितम् में सेवा का संदेश दिया। इसके कुछ देर बाद दूसरी पोस्ट में वह राष्ट्रीय राजधानी के प्रसिद्ध श्री विनायक मंदिर में पूजा अर्चना करते नजर आए। उन्होंने गणेश जी से देश कल्याण की कामना की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लिखा, ” आज नई दिल्ली के श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना की। भगवान श्री गणेश से देशभर के अपने परिवारजनों की सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। विघ्नहर्ता की कृपा से सबका कल्याण हो और देश निरंतर प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ता रहे।”
इससे पहले उन्होंने एक्स पर ही सुभाषितम् के रूप में यह श्लोक ”नित्यं परिचरेच्चैव तद्वै सुकृतमुत्तमम्। कीर्तिं पुण्यं यशो लोकान् प्राप्स्यसे राजसत्तम।।” पोस्ट किया। वाल्मीकि रामायण के अयोध्याकाण्ड (सर्ग 24, श्लोक 32) से लिए गए इस श्लोक के माध्यम से प्रधानमंत्री ने सेवा का संदेश दिया।
पोस्ट में इसका अर्थ बताया गया, ”व्यक्ति को स्वयं में सेवा भाव नित्य रखना चाहिए, क्योंकि सेवा में निष्ठापूर्वक लगे रहना ही संसार का श्रेष्ठ पुण्य कर्म है। अतः सेवा करने से मनुष्य को कीर्ति, यश और उत्तम लोकों की प्राप्ति होती है।” इसका संदर्भ यह है कि जब श्रीराम वनवास जाने की तैयारी करते हैं तब माता कौसल्या माता सीता को पतिव्रत धर्म और सास-ससुर की सेवा का महत्व समझाते हुए यह बात कहती हैं।
