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Lucknow, Feb 02 (ANI): Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath addresses a press conference regarding the Union Budget 2023-24 and other issues, at his official residence, in Lucknow on Thursday. (ANI Photo)
लखनऊ, 05 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को पाती लिखकर सनातन की अपनी समृद्ध परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि पितृपक्ष सनातन भाव की अभिव्यक्ति का अवसर है। हम इस विरासत को केवल स्मरण तक सीमित न रखें, बल्कि अपने आचरण में उतारें, परिवार के वृद्धजनों का सम्मान करें और बच्चों को अपने संस्कारों से परिचित कराएं।
मुख्यमंत्री योगी ने लिखा कि हमारी महान सनातन संस्कृति अतीत को स्मरण करने की परंपरा मात्र नहीं अपितु अतीत से वर्तमान और वर्तमान से भविष्य को जोड़ने वाली जीवन दृष्टि है। पितृपक्ष इसी सनातन भाव की अभिव्यक्ति का अवसर है। आश्वनि कृष्ण पक्ष प्रतिपदा (27 सितंबर) से प्रारंभ हुआ। यह पवित्र पक्ष आश्वनि कृष्ण अमावस्या अर्थात सर्वपितृ अमावस्या (10 अक्टूबर) के साथ पूर्ण होगा। इन दिनों श्राद्ध के माध्यम से हम अपने पूर्वजों का स्मरण करते हैं, तर्पण कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। पिंडदान हमें याद दिलाता है कि हम आज जो कुछ भी हैं उसमें हमारे पूर्वजों के तप, त्याग, परिश्रम और संस्कारों का ही योगदान है।
उन्होंने आगे लिखा कि पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता अपने उत्तरदायित्व को समझने का संस्कार भी है। हमसे पहले की पीढ़ियों ने हमें जो दिया, उसे संरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों को उससे अधिक समृद्ध विरासत सौंपना हमारा धर्म है। सतत विकास का यही भाव परिवार को पिरोता है। समाज को अपनी जड़ों से जोड़े रखता है तथा प्रदेश एवं राष्ट्र को नई ऊर्जा प्रदान करता है।
योगी ने याद दिलाया कि इतिहास में एक प्रसिद्ध प्रसंग वर्णित है कि आगरा किले में अपने पुत्र औरंगजेब की कैद में रह रहे शाहजहां ने पानी के लिए व्यग्र होकर उसे पत्र लिखा था। शाहजहां ने पत्र में सनातन परंपरा का उल्लेख किया जिसमें दिवंगत पूर्वजों को भी जल अर्पित किया जाता है। वहीं क्रूर औरंगजेब ने जीवित पिता को भी जल के लिए व्याकुल कर दिया। यह प्रसंग हमें बताता है कि पूर्वजों के प्रति श्रद्धा हमारी सनातन जीवन पद्धति में कितनी गहराई से रची बची है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा आप सभी से विशेष आग्रह है कि हम इस विरासत को केवल स्मरण तक सीमित न रखें बल्कि अपने आचरण में उतारें, परिवार के वृद्धजनों का सम्मान करें, बच्चों को अपने संस्कारों से परिचित कराएं तथा ज्ञान, सेवा और सदाचार की उस परंपरा को आगे बढ़ाएं जो पीढ़ियों को जोड़ती हैं और भविष्य को दिशा देती हैं।
हमारी सरकार प्रदेश के प्रत्येक परिवार के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में 01 से 31 अक्टूबर तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान, 12 से 31 अक्टूबर तक दस्तक अभियान चलेगा। मुख्यमंत्री ने अपील करते हुए कहा कि स्वच्छता अपनाएं, जलभराव न होने दें, बुखार को गंभीरता से लें और दश्तक को हर घर में स्वास्थ्य जागरूकता का अभियान बनाएं।
