राशिफल : 05 अक्टूबर, 2026
Spread the love राशिफल : 05 अक्टूबर, 2026...
Spread the love राशिफल : 05 अक्टूबर, 2026...
Spread the love मेरे प्रदेश अध्यक्ष बनने के...
Spread the love कानपुर, 03 अक्टूबर । सेवा...
Aaj Ka Panchang: आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि रविवार रात्रि 2 बजकर 21 मिनट से शुरू हो जाएगी. इस दिन सुबह 7 बजकर 54 मिनट पर सूर्योदय और शाम 7 बजकर 23 मिनट पर सूर्यास्त होगा. पंचांग मूलतः हिंदू काल-गणना की वह पद्धति है, जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की गति व स्थिति पर आधारित होती है. पंचांग के अनुसार, 4 अक्टूबर 2026 को सूर्य हस्त नक्षत्र में रहेगा. ज्योतिष के अनुसार, सूर्य के हस्त नक्षत्र में प्रवेश करने से सभी 12 राशियों पर गहरा प्रभाव पड़ता है. हस्त नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा का सूर्य से मित्रवत संबंध माना गया है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, हस्त नक्षत्र 13वां नक्षत्र है, जिसका अर्थ ‘हाथ’ होता है. इस नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा हैं और इसकी राशि कन्या है.
रविवार को सुबह 3:21 बजे तक परिघ योग रहेगा. वैदिक पंचांग में परिघ योग 27 नित्य योगों में से 19वें नंबर का योग है, जिसे मुख्य रूप से बाधा या अवरोध का प्रतीक माना जाता है. इस दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर 01:16 से 02:02 बजे तक रहेगा. हिंदू ज्योतिष में अभिजीत मुहूर्त को सबसे शुभ समय माना जाता है. यह दिन का आठवां मुहूर्त होता है. यह सामान्यतः लगभग 48 मिनट का होता है, जो दोपहर से 24 मिनट पहले शुरू होकर 24 मिनट बाद तक रहता है. इस काल के स्वामी स्वयं ब्रह्मा जी हैं. मान्यता है कि इस समय किए गए कार्य में सफलता मिलती है और सारे दोष नष्ट हो जाते हैं.
शनिवार को शाम 06:27 से 07:58 बजे तक अमृतकाल रहेगा. ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, अमृतकाल एक अत्यंत शुभ, मंगलकारी और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर समयावधि (मुहूर्त) है. इसे अमृत के समान उत्तम फल देने वाला माना जाता है. इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता की संभावना सबसे अधिक होती है. नए व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ, और महत्वपूर्ण यात्रा के लिए यह समय श्रेष्ठ माना गया है.
इस दिन राहुकाल शाम 05:57 से 07:23 बजे तक रहेगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल दिन का वह समय होता है जिसे किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है. राहुकाल को सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के समय को 8 बराबर भागों में बांटकर निकाला जाता है, जो हर दिन लगभग 90 मिनट का होता है. स्थान बदलने के साथ इसके समय में भी बदलाव हो जाता है. इस दौरान कोई नया काम शुरू नहीं करना चाहिए, लेकिन जो काम पहले से चल रहे हैं, उन्हें जारी रखा जा सकता है.
शनिवार को गुलिक काल शाम 04:31 से 05:57 बजे तक रहेगा. गुलिक काल को ‘विषैला समय’ भी कहा जाता है. यह एक उपग्रह है, इसको अशुभ माना जाता है. माना जाता है कि इस काल में किए गए कार्य नकारात्मक परिणाम देते हैं. इस काल में कोई नया काम शुरू करने से बचना चाहिए, लेकिन जो काम पहले से चल रहे हैं, उनको जारी रखा जा सकता है.
इस दिन यमगंड काल दोपहर 01:39 से 03:05 बजे तक रहेगा. यह समय मृत्यु के देवता यमराज से जुड़ा हुआ माना जाता है. इस समय के दौरान स्वास्थ्य, दीर्घायु, या सामान्य दुर्भाग्य से संबंधित बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. इस काल को नए कार्यों की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है. नया व्यापार या नया काम शुरू करने से बचना चाहिए. इस दौरान किसी यात्रा पर भी निकलने से बचना चाहिए और पैसों के लेनदेन से भी बचना चाहिए.
