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Lucknow, Feb 02 (ANI): Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath addresses a press conference regarding the Union Budget 2023-24 and other issues, at his official residence, in Lucknow on Thursday. (ANI Photo)
लखनऊ, 03 अक्टूबर । गंभीर बीमारी, दुर्घटना या किसी अन्य मेडिकल इमरजेंसी में शुरुआती पहला घंटा मरीज की जिंदगी के लिए बेहद अहम होते हैं। ऐसे समय में सिर्फ इलाज ही नहीं, बल्कि घटना की जानकारी, एंबुलेंस की उपलब्धता, अस्पताल तक सूचना पहुंचने और मरीज के लिए जरूरी मेडिकल तैयारियां समय पर होना भी महत्वपूर्ण है।
इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए लखनऊ का हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी स्टार्टअप हिंदकेयर मेडटेक इमरजेंसी हेल्थकेयर को तकनीक से जोड़ने की दिशा में काम कर रहा है। स्टार्टअप की कोशिश ऐसी तकनीक विकसित करने की है, जिससे इमरजेंसी की स्थिति में मरीज, रिस्पॉन्स टीम, एंबुलेंस और अस्पताल के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।
गोल्डन ऑवर पर केंद्रित है हिंदकेयर मेडटेक स्टार्टअप
यूपी स्टार्टअप मिशन के सीईओ सुमित महाजन ने बताया कि योगी सरकार की ओर से प्रदेश में स्टार्टअप और इनोवेशन के लिए संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 के तहत प्रदेश को देश के अग्रणी स्टार्टअप इकोसिस्टम में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। नीति में यू-हब जैसे डीप-टेक इनक्यूबेशन सेंटर, 20 नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, जिला स्तर पर इनक्यूबेशन के विस्तार और स्टार्टअप्स के लिए वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। इसी के तहत मेडिकल क्षेत्र में काम कर रहे स्टार्टअप हिंदकेयर मेडटेक को लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई के एसटीपीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इनक्यूबेट किया गया है। स्टार्टअप की पूरी सोच इमरजेंसी के उस ‘गोल्डन ऑवर’ पर केंद्रित है, जिसमें समय पर पहचान, मरीज को अस्पताल तक पहुंचाना और तत्काल चिकित्सा उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण होता है। स्टार्टअप का मूल विचार है कि सही मरीज को सही समय पर सही जानकारी के साथ सही अस्पताल तक पहुंचाया जाए।
दुर्घटना की सूचना से अस्पताल तक बनेगा तकनीकी कनेक्शन
मिशन के सीईओ सुमित महाजन ने बताया कि स्टार्टअप की प्रमुख पहल लाइफडैश स्मार्ट क्रैश-डिटेक्शन और इमरजेंसी अलर्ट प्लेटफॉर्म है। यह तकनीक संभावित सड़क दुर्घटना की पहचान करने और रियल टाइम मॉनिटरिंग के साथ इमरजेंसी नोटिफिकेशन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसके जरिए घटना स्थल से इमरजेंसी रिस्पॉन्डर, एंबुलेंस सेवा और अस्पताल तक सूचना के प्रवाह को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है।स्टार्टअप का उद्देश्य केवल दुर्घटना की पहचान तक सीमित नहीं है। इसकी परिकल्पना एक ऐसे कनेक्टेड इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की है, जिसमें घटनास्थल से लेकर अस्पताल तक जरूरी जानकारी तेजी से पहुंच सके। इससे सूचना और समन्वय में होने वाली देरी को कम करने में मदद मिल सकती है और गोल्डन ऑवर के दौरान मरीज को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सकती है।
सीएम योगी के सामने भी प्रस्तुत की तकनीक
स्टार्टअप के संस्थापक ने हाल ही में गोरखपुर में आयोजित एक स्टार्टअप/ टेक्नोलॉजी कार्यक्रम में अपनी तकनीक और विजन को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने भी प्रस्तुत किया। स्टार्टअप की टीम ने इमरजेंसी हेल्थकेयर में तकनीक के इस्तेमाल और मरीज, एंबुलेंस तथा अस्पताल के बीच बेहतर कनेक्टिविटी की अपनी परिकल्पना साझा की। स्टार्टअप की टीम में डॉ. आयुष सिंह फाउंडर एवं डायरेक्टर के रूप में क्लीनिकल विजन और हेल्थकेयर रणनीति का नेतृत्व कर रहे हैं।
