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रायपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध शराब खपाने का नया तरीका सामने आया है। पुलिस कार्रवाई में ऐसे मामलों का खुलासा हुआ है, जिनमें दूसरे राज्यों से लाई गई शराब पर छत्तीसगढ़ के नकली लेबल, ढक्कन और होलोग्राम लगाकर उसे स्थानीय शराब जैसा दिखाने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक जनवरी से सितंबर के बीच राजनांदगांव, महासमुंद और कांकेर समेत कई इलाकों में कार्रवाई हुई है। जांच में मध्य प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड से लाई गई शराब मिलने की बात सामने आई है।
सबसे चौंकाने वाली बात पैकिंग के नेटवर्क को लेकर है। पुलिस जांच के अनुसार कथित तौर पर होलोग्राम और स्टिकर दिल्ली, पुणे और नागपुर जैसे शहरों से मंगाए जाते थे। इसके बाद शराब की पैकिंग बदलकर उसे छत्तीसगढ़ की बताकर खपाने की कोशिश की जाती थी।
डोंगरगढ़ में जून में सामने आए एक मामले में शराब मध्य प्रदेश से लाए जाने की बात सामने आई। पुलिस जांच में अलग-अलग शहरों से पैकिंग सामग्री जुटाने के सुराग मिलने का दावा किया गया।
महासमुंद के सरायपाली में अगस्त में एक कार से 25 पेटियों में 1,192 पौवा शराब जब्त किए जाने की जानकारी है। इस नेटवर्क की जांच आगे बढ़ने पर सितंबर तक 3,229 लीटर से ज्यादा शराब की जब्ती और सात आरोपियों की गिरफ्तारी की बात सामने आई।
कांकेर के भानुप्रतापपुर में भी सितंबर में कार्रवाई के दौरान 4,409 खाली बोतलें-पौवे, 3,380 ढक्कन और 105 पत्ते होलोग्राम मिलने की जानकारी है।
अलग-अलग मामलों में अब तक 14 आरोपियों के पकड़े जाने की बात सामने आई है। पुलिस जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नकली होलोग्राम और पैकिंग के इस कथित नेटवर्क की पहुंच आखिर कितनी दूर तक है।
