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– प्रभारियों और सह प्रभारियों को ग्राउंड पर उतरने के निर्देश, बूथ मजबूत करने और संगठन विस्तार पर जोर
नई दिल्ली, 30 सितंबर । भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में देशभर के प्रभारियों, सह प्रभारियों और राष्ट्रीय महासचिवों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह पहली बड़ी संगठनात्मक बैठक थी। बैठक में संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों का जवाब ग्राउंड जीरो पर उतरकर देने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में एसआईआर, मुख्य चुनाव आयुक्त, यूपीई समेत विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष की ओर से बनाए जा रहे नैरेटिव का राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर जवाब देने की रणनीति पर मंथन किया गया। भाजपा की इस संगठनात्मक बैठक में 37 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रभारी, सह प्रभारी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव जिसमें विनोद तावड़े, स्मृति ईरानी, हरीश द्विवेदी शामिल हुए। बैठक में संगठन विस्तार, आगामी चुनावों की तैयारियों और विभिन्न राज्यों में पार्टी की गतिविधियों को लेकर भी चर्चा हुई।
सूत्रों के अनुसार पार्टी नेताओं को निर्देश दिया गया कि केवल सोशल मीडिया या बयानों के जरिए जवाब देने के बजाय कार्यकर्ता और पदाधिकारी सीधे जनता के बीच जाएं और लोगों तक पार्टी का पक्ष पहुंचाएं।
संगठन महामंत्री ने दी संगठन मजबूत करने की पाठशाला
बैठक में भाजपा के संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने प्रभारियों और सह प्रभारियों को संगठन की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पार्टी के बूथ स्तर के संगठन को मजबूत करने और ‘अपना बूथ, सबसे मजबूत’ अभियान को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
प्रभारियों और सह प्रभारियों से कहा गया कि वे अपने-अपने राज्यों में नियमित दौरे करें, कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करें और जमीनी स्तर से मिलने वाले फीडबैक को संगठन तक पहुंचाएं। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि संगठन की मजबूती के लिए पदाधिकारियों का लगातार राज्यों में मौजूद रहना जरूरी है।
चुनावी राज्यों के लिए अलग-अलग जोन की जिम्मेदारी
बैठक में चुनावी राज्यों को अलग-अलग जोन में बांटकर जिम्मेदारियां तय करने पर भी चर्चा हुई। सह प्रभारियों को उनके क्षेत्रों के हिसाब से अलग-अलग दायित्व सौंपे गए हैं। उन्हें निर्देश दिया गया कि त्योहारों को छोड़कर अधिकतर समय अपने संबंधित राज्यों और क्षेत्रों में रहकर संगठनात्मक गतिविधियों को गति दें।
पदाधिकारियों से सोशल मीडिया पर पार्टी की उपस्थिति मजबूत करने के साथ-साथ विपक्ष के नैरेटिव का तथ्यात्मक जवाब देने की रणनीति तैयार करने को भी कहा गया।
बूथ स्तर पर बैठक और युवाओं से संवाद पर जोर
नितिन नवीन ने बैठक में पदाधिकारियों से कहा कि जिन्हें जिस प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई है, वे नियमित रूप से वहां का दौरा करें और व्यक्तिगत प्राथमिकताओं के बजाय पार्टी हित की नीति के तहत काम करें।
उन्होंने ‘विकसित भारत संकल्प’, महिला मोर्चा और समाज के विभिन्न वर्गों के साथ संपर्क अभियान को लगातार आगे बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही बूथ स्तर पर नियमित बैठकें करने, कार्यकर्ताओं की बात सुनने और युवाओं से संवाद के लिए लगातार कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
पार्टी नेतृत्व ने कहा कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से मिलने वाला फीडबैक संगठन के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए प्रभारियों और सह प्रभारियों को अपने दौरों के दौरान संगठनात्मक स्थिति, जनता के मुद्दों और कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया की नियमित जानकारी पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाने को कहा गया।
उत्तर प्रदेश में सह प्रभारियों के बीच जिम्मेदारियों का बंटवारा
बैठक में उत्तर प्रदेश भाजपा के सह प्रभारियों के बीच जिम्मेदारियों के बंटवारे को लेकर भी चर्चा हुई। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अनंत ओझा को अपने क्षेत्र की जिम्मेदारी के साथ भाजपा मुख्यालय में चुनाव प्रबंधन देखने की जिम्मेदारी भी दी गई है।
वहीं डॉ. प्रदीप वर्मा को अवध और कानपुर क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जगदीश पटेल काशी क्षेत्र का दायित्व संभालेंगे। मेधा कुलकर्णी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी के साथ महिला मोर्चा के साथ पूरे प्रदेश में समन्वय और अभियान की जिम्मेदारी भी दी गई है।
बैठक में पार्टी नेतृत्व ने सभी प्रभारियों और सह प्रभारियों से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने और जनता के बीच पार्टी की नीतियों एवं कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर जोर दिया।
