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Lucknow, Feb 02 (ANI): Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath addresses a press conference regarding the Union Budget 2023-24 and other issues, at his official residence, in Lucknow on Thursday. (ANI Photo)
लखनऊ, 25 सितंबर । ‘अंत्योदय’ के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती शुक्रवार को मनाई गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
मुख्यमंत्री योगी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट कर पं. दीनदयाल उपाध्याय के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने लिखा कि ‘एकात्म मानववाद’ एवं ‘अंत्योदय’ के प्रणेता, प्रखर राष्ट्रचिंतक एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य, श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों पर आधारित विकास की ऐसी अवधारणा प्रस्तुत की, जिसमें समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। मुख्यमंत्री ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के चिंतन को आज भी समावेशी, आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण का प्रेरणास्रोत बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा पंडित जी का जन्म 25 सितंबर 1916 को हुआ। 1942 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक बने और अपना जीवन भारत के लिए समर्पित कर दिया। 1951 में जनसंघ की स्थापना में मुख्य भूमिका निभाई और 1967 में उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। 11 फरवरी 1968 को उनका निधन हो गया।
उन्होंने देश को एकात्म मानव दर्शन दिया, जिसका मतलब है आखिरी पंक्ति में बैठे व्यक्ति को स्वावलंबी बनाना। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 साल में अंत्योदय का सपना साकार हुआ। चार करोड़ को घर, 12 करोड़ को शौचालय, 10 करोड़ को उज्ज्वला गैस, 3.5 करोड़ को बिजली कनेक्शन और 80 करोड़ को फ्री राशन मिला, जिससे 26 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए। पंडित जी ने कांग्रेस की तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार के खिलाफ विपक्षी एकता को मजबूत किया था। उनका दर्शन आज भी देश के लिए आदर्श है।
