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इंदौर, मध्यप्रदेश | 22 सितम्बर: अड्डा 247 की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी और भारत के अग्रणी यूपीएससी, पीसीएस एवं न्यायिक परीक्षा तैयारी प्लेटफॉर्म्स में से एक, स्टडीआईक्यू ने आज इंदौर में नया ऑफलाइन सेंटर खोला है, ताकि शहर के बढ़ते सिविल सेवा अभ्यर्थियों को बेहतर सुविधा मिल सके।मध्यप्रदेश की परीक्षा प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है। एमपीपीएससी राज्य सेवा परीक्षा 2025 में 4 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने केवल 158 पदों के लिए आवेदन किया। राष्ट्रीय स्तर पर, यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2024 में लगभग 13.4 लाख उम्मीदवार बैठे, जिनमें से 1,000 से भी कम का चयन हुआ। मध्यप्रदेश की वाणिज्यिक राजधानी इंदौर, मालवा और निमाड़ क्षेत्र से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को आकर्षित करती है, जिन्हें अब तक संरचित कोचिंग के लिए दिल्ली जाना पड़ता था।नया सेंटर कक्षाओं, स्टूडेंट लाइब्रेरी, मेंटरशिप स्पेस और संदेह समाधान संरचना से सुसज्जित है। यह केवल इंदौर ही नहीं बल्कि उज्जैन, देवास, रतलाम, धार, खरगोन और बड़वानी जैसे आसपास के शहरों के छात्रों को भी सेवा देगा। पाठ्यक्रमों में यूपीएससी सिविल सेवा फाउंडेशन कार्यक्रम (एक, दो और तीन वर्ष प्रारूप में — प्रीलिम्स से मेन्स तक) और एमपीपीएससी राज्य सेवा ट्रैक शामिल है, जिसमें एमपी विशेष सामान्य अध्ययन, राज्य का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था और समसामयिक घटनाएँ सम्मिलित हैं। *स्टडीआईक्यू के सीईओ श्री स्वप्निल त्रिपाठी ने यूपीएससी और एमपीपीएससी फैकल्टी, सेंटर प्रबंधन टीम और छात्रों के साथ सेंटर का उद्घाटन किया, जिसके बाद खुला संवाद सत्र हुआ। श्री त्रिपाठी ने कहा:* “मध्यप्रदेश देश के सबसे प्रेरित और प्रतिस्पर्धी सिविल सेवा अभ्यर्थियों का घर है। असली बाधा रही है — गुणवत्तापूर्ण कंटेंट, फैकल्टी और मेंटर तक पहुँच। इंदौर और आसपास के छात्रों को परिणाम उन्मुख कोचिंग के लिए दिल्ली जाना पड़ता था। इस सेंटर के माध्यम से हमारा ध्यान वही गुणवत्ता घर के करीब लाने पर है।” *अड्डा 247 के सीईओ एवं संस्थापक श्री अनिल नागर ने कहा:* “भारत के सिविल सेवा अभ्यर्थी सबसे दृढ़निश्चयी छात्रों में से हैं, लेकिन उनकी तैयारी की गुणवत्ता अक्सर उनके स्थान पर निर्भर करती है। हम जिस असमानता को व्यवस्थित रूप से समाप्त कर रहे हैं, वह है फैकल्टी और मेंटरशिप की कमी — एक शहर में एक समय पर। स्टडीआईक्यू के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, जिनमें 2.2 करोड़ से अधिक शिक्षार्थी हैं, ने यह बाधा डिजिटल रूप से पहले ही तोड़ दी है। हमारे ऑफलाइन सेंटर वही गुणवत्ता उन शहरों में ला रहे हैं जहाँ अभ्यर्थी वास्तव में रहते हैं। इंदौर हमारे लिए सिर्फ एक और सेंटर नहीं है। यह एक बयान है कि गंभीर तैयारी अब केवल दिल्ली जाने वालों का विशेषाधिकार नहीं रही।”सेंटर स्टडीआईक्यू के S M A R T मॉडल पर चलता है, जिसमें कक्षा शिक्षण, डिजिटल कंटेंट एक्सेस, संरचित मेंटरशिप और नियमित मूल्यांकन शामिल हैं। छात्रों को 24×7 मेंटरशिप सपोर्ट मिलता है, जहाँ फैकल्टी और पूर्व सिविल सेवक निबंध लेखन, नैतिकता, उत्तर लेखन और साक्षात्कार तैयारी पर केंद्रित मार्गदर्शन देते हैं। प्रत्येक छात्र को स्टडीआईक्यू ऐप की पूर्ण पहुँच मिलती है, जिसमें 1,000+ घंटे का लाइव और रिकॉर्डेड कंटेंट, टेस्ट सीरीज़ और करंट अफेयर्स सामग्री उपलब्ध है।लॉन्च के हिस्से के रूप में, स्टडीआईक्यू ने मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति कार्यक्रम शुरू किया है, जिसका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण तैयारी तक वित्तीय बाधाओं को दूर करना है। कंपनी ने कहा कि वह अपने ऑफलाइन केंद्रों का विस्तार अन्य समान शहरों में भी करेगी, ताकि अभ्यर्थी अपने ही राज्य में तैयारी कर सकें।
