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Lucknow, Feb 02 (ANI): Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath addresses a press conference regarding the Union Budget 2023-24 and other issues, at his official residence, in Lucknow on Thursday. (ANI Photo)
लखनऊ, 22 सितंबर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित तीन हजार 567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 के पहले आवेदन नहीं करने वाले भी पीछे के दरवाजे से नियुक्ति पत्र पा जाते थे। भ्रष्टाचार चरम पर था। योग्य युवाओं को नौकरी नहीं मिलती थी। सैफई सिंडिकेट सरकारी नौकरियों पर डाका डालता था। अब उप्र बदल रहा है। यहां योग्य युवाओं को नौकरी मिल रही है।
उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया से अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में तीन हजार 567 प्रधानाचार्य, प्रवक्ता, सहायक अध्यापक के पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सांकेतिक रूप से 12 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम हमारे लिए विशेष है। विशेष इसलिए है क्योंकि आज यह केवल नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम नहीं है, 3567 लोगों का चयन करके प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने का अवसर है।
योगी ने कहा कि अगर एक शिक्षक प्रति वर्ष 100 छात्रों के साथ इंटरैक्शन करता है तो तीन लाख से अधिक छात्रों से संपर्क हो जाएगा। तक्षशिला और नालंदा के जमाने में भारत विश्वगुरु था। भारत के पास वह धरोहर आज भी है। जरूरत है उसे समझने की। सरकार व्यवस्था दे सकती है लेकिन उसे पूरा करने का कार्य आपके द्वारा प्रशिक्षित विद्यार्थी ही करेंगे।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 के पहले आवेदन नहीं करने वाले भी पीछे के दरवाजे से नियुक्ति पत्र पा जाते थे। भ्रष्टाचार चरम पर था। योग्य युवाओं को नौकरी नहीं मिलती थी। सैफई सिंडिकेट सरकारी नौकरियों पर डाका डालता था। आज योग्य छात्र नौकरी पा रहे हैं। आज उप्र की शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन हो रहा है। आप सब उसके साक्षी होने जा रहे हैं। बेसिक में जर्जर भवन थे। पानी और शौचालय की व्यवस्था नहीं थी। बच्चों के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। आपरेशन कायाकल्प से बहुत बड़ा परिवर्तन हो रहा है। अब लोगों में यह भावना आ रही है कि स्कूल के पास खेल का मैदान भी हो।
मुख्यमत्रो योगी ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा में प्रोजक्ट अलंकार के तहत 2300 विद्यालयों में भवन ठीक किए गए हैं। डेढ़ हजार से अधिक सरकारी इंटर कॉलेजों के भवनों का निर्माण किया जा चुका है। यह काम 2017 के पहले भी हो सकता था। लेकिन उनकी रुचि नहीं थी। उनके पास विजन भी नहीं था। उनका अपना सीमित एजेंडा था। उन्हीं सीमित एजेंडे के साथ युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया करते थे। आज यूपी हर क्षेत्र में आगे बढ़ा है। उप्र में असीम संभावनाएं हैं। उसे आगे बढ़ाने का दायित्व शिक्षकों पर है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि नवचयनित शिक्षकों की ज्वाइनिंग में कोई रुकावट न पैदा करे। अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अवधी में बोलते हुए कहा कि 2017 के पहले तक उप्र में हत्या, लूट, डकैती, बहू-बेटियों की इज्जत लूटने का कार्य होता था। हमारी बच्चियां सुरक्षित नहीं थीं। सड़कें बहुत खराब थीं। मेरठ, गाजीपुर, बलिया के लोगों को राजधानी आने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। बिजली एक सप्ताह दिन में एक सप्ताह रात में आती थी। अब बिजली खूब आ रही है। इसी प्रदेश में शिक्षक बंदूक लेकर पढ़ाने जाते थे। 1947 से 2017 तक उप्र में 17 सरकारी और 23 निजी मेडिकल कॉलेज थे। अब 85 मेडिकल कॉलेज पूरी क्षमता के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब बिना पर्ची और खर्ची नौकरी मिल रही है।
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार गुलाब देवी, पूर्व मंत्री महेन्द्र सिहं समेत कई महत्वपूर्ण जन उपस्थित रहे।
