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नई दिल्ली, 21 सितंबर । केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मंगलवार को नई दिल्ली में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मादक पदार्थ रोधी कार्यबल (एएनटीएफ) के प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान वह लखनऊ और देहरादून में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के नए क्षेत्रीय परिसरों की वर्चुअली आधारशिला भी रखेंगे।
दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन एनसीबी की ओर से किया जा रहा है। इसमें 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के एएनटीएफ प्रमुखों के अलावा संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और अन्य हितधारकों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। गृह मंत्रालय के अनुसार सम्मेलन का उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच ‘संपूर्ण सरकार’ के दृष्टिकोण को मजबूत करना और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के लिए एनसीबी तथा राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों के एएनटीएफ के बीच समन्वय को और प्रभावी बनाना है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सरकार युवाओं को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने 2047 तक ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य रखा है और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए नशामुक्त भारत का निर्माण आवश्यक है।
सम्मेलन का विषय ‘साझा संकल्प, साझा जिम्मेदारी’ रखा गया है। इसमें हाल में जारी मादक पदार्थ नियंत्रण विजन दस्तावेज (2026-29) में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के एएनटीएफ के लिए निर्धारित लक्ष्यों और कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। सम्मेलन में मादक पदार्थों की तस्करी और दुरुपयोग से निपटने के लिए आपूर्ति में कमी, मांग में कमी तथा नुकसान कम करने के उपायों को मजबूत करने की रणनीतियों पर भी चर्चा होगी।
सम्मेलन में आठ तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें मादक पदार्थ नियंत्रण के लिए संस्थागत तंत्र, मादक पदार्थ नेटवर्क और कार्टेल को ध्वस्त करना, मांग में कमी, रोकथाम एवं पुनर्वास, प्रवर्तन की प्रभावशीलता बढ़ाना, प्रीकर्सर एवं सिंथेटिक ड्रग्स और ‘क्लैन लैब’ पर नियंत्रण, अवैध खेती को नष्ट करना एवं वैकल्पिक फसल को बढ़ावा देना तथा डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े मामलों की जांच जैसे विषय शामिल हैं।
मादक पदार्थ नियंत्रण विजन दस्तावेज के चार रणनीतिक स्तंभों—प्रवर्तन, खुफिया एवं अभियान; प्रीकर्सर एवं सिंथेटिक ड्रग्स नियंत्रण; मांग एवं नुकसान में कमी; तथा क्षमता निर्माण एवं समन्वय—के अनुरूप सम्मेलन में अगले तीन वर्षों के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने पर जोर दिया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान मादक पदार्थों के खिलाफ जागरूकता फैलाने वाले टेलीविजन विज्ञापन भी जारी किए जाएंगे। बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के एएनटीएफ को सम्मानित किया जाएगा तथा एनसीबी की नई वेबसाइट का भी शुभारंभ किया जाएगा।
