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नई दिल्ली, 18 सितंबर । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को 75 सीएम श्री सरकारी विद्यालयों में हेरिटेज क्लबों की स्थापना का शुभारंभ किया। दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग तथा दिल्ली अभिलेखागार द्वारा हेरिटेज क्लबों के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए विभिन्न व्यावहारिक और छात्र-केंद्रित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस अवसर पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद और कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल में होने वाली प्रत्येक गतिविधि, हर पहल और किताब का एक-एक पन्ना बच्चे के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होता है। इसी सोच के साथ शुरू किए जा रहे हेरिटेज क्लब विद्यार्थियों को दिल्ली की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, स्थापत्य और दस्तावेजी विरासत से सीधे जोड़ने का माध्यम बनेंगे।
रेखा गुप्ता ने कहा कि इन बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और उनके लिए बेहतर वातावरण सुनिश्चित करना सभी की साझा जिम्मेदारी है। देश की दिल्ली का इतिहास अत्यंत समृद्ध है। यहां विभिन्न ऐतिहासिक कालखंडों, सांस्कृतिक परंपराओं, धार्मिक स्थलों, स्मारकों और स्थापत्य विरासत से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण स्मृतियां मौजूद हैं। हेरिटेज क्लबों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने शहर के इतिहास और विरासत को केवल किताबों में पढ़ने के बजाय उसे प्रत्यक्ष रूप से देखने, समझने और अनुभव करने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की विरासत को जानना केवल इतिहास पढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने शहर और अपनी जड़ों को समझने की प्रक्रिया है। विद्यार्थियों को यह जानना चाहिए कि उनके आसपास मौजूद ऐतिहासिक इमारतों और स्थलों का क्या महत्व है और उनका दिल्ली के इतिहास से क्या संबंध है। हेरिटेज क्लब विद्यार्थियों को उन अध्यायों को जानने, समझने और उन पर विचार करने का अवसर देंगे। हेरिटेज क्लबों से बच्चों में देश, अपनी जड़ों और अपनी विरासत के प्रति जुड़ाव विकसित होगा। हेरिटेज क्लब छोटा कदम जरूर है, लेकिन इसके माध्यम से बच्चों में अपनी विरासत को जानने और उसके संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों को ऐसी सुविधाओं से युक्त बनाने का सपना दिया है, जो किसी निजी स्कूल से कम न हों। दिल्ली सरकार का प्रयास है कि सरकारी स्कूलों को सुविधाओं और शैक्षणिक वातावरण के स्तर पर उस मुकाम तक पहुंचाया जाए। बच्चों को ऐसा सक्षम और आत्मविश्वासी बनाया जाना चाहिए कि वे अपने आसपास की परिस्थितियों को समझ सकें, समस्याओं का सामना कर सकें, उनका समाधान निकाल सकें और जीवन की हर परिस्थिति में समझदारी के साथ आगे बढ़ सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षकों के लिए जरूरी सुविधाओं, स्कूल के वातावरण और बच्चों के समग्र विकास से जुड़ी व्यवस्थाओं में पिछले वर्षों में जो कमी रही है, उसे पूरा करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। पिछले वर्षों का बैकलॉग पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री, मंत्री, अधिकारी, शिक्षक और स्कूल प्रमुख, हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
इस अवसर पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली देश की राजनीतिक राजधानी होने के साथ-साथ देश की स्टार्टअप और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में भी अपनी पहचान स्थापित करे, यह सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। दिल्ली का इतिहास अत्यंत समृद्ध और विविधतापूर्ण रहा है, लेकिन समय के साथ उसकी अपनी विशिष्ट पहचान और स्थानीय विरासत के कई महत्वपूर्ण पहलू व्यापक चर्चा से दूर हो गए।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को दिल्ली के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम, वीरों, महापुरुषों, कला, संस्कृति और स्थानीय परंपराओं से परिचित कराना आवश्यक है। हेरिटेज क्लब के माध्यम से विद्यार्थियों को दिल्ली की समृद्ध विरासत से जोड़ने, उसे समझने और आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। विभाग इस पहल को केवल सरकारी दायित्व के रूप में नहीं, बल्कि दिल्ली की विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की व्यक्तिगत जिम्मेदारी के रूप में आगे बढ़ाए।
कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली का इतिहास केवल महरौली से लाल किले तक सीमित नहीं है। हेरिटेज क्लब के माध्यम से हमारे स्कूलों के छात्रों को दिल्ली के वास्तविक इतिहास, समृद्ध विरासत और संस्कृति से परिचित कराया जाएगा।
कपिल मिश्रा ने कहा कि कोई भी समाज यदि अपने इतिहास और अपनी संस्कृति को भूल जाता है, तो उसका भविष्य कमजोर नींव पर खड़ा होता है। दिल्ली का इतिहास अत्यंत समृद्ध और विविधतापूर्ण है। दिल्ली के इतिहास में विभिन्न राजवंशों, वीरों, योद्धाओं, साहित्य, कला और संस्कृति का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। हेरिटेज क्लब छात्रों को इस समृद्ध विरासत को जानने, समझने और आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेंगे।
इस अवसर पर कला, संस्कृति एवं भाषा की विभाग के सचिव के. महेश, शिक्षा निदेशक अंकिता आनंद सहित बड़ी संख्या में सीएम श्री स्कूलों के शिक्षक और प्रधानाचार्य उपस्थित थे।
दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग और दिल्ली अभिलेखागार द्वारा हेरिटेज क्लबों के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए वर्षभर विरासत भ्रमण के तहत ऐतिहासिक स्थलों व संग्रहालयों के दौरे, अभिलेखागार एवं पुस्तकालयों का निर्देशित भ्रमण, विरासत प्रश्नोत्तरी, पोस्टर-चित्रकला प्रतियोगिताएं, प्रदर्शनियां व ऐतिहासिक स्मारकों की प्रतिकृतियां तैयार करने, दिल्ली की संस्कृति व विरासत पर लघु वृत्तचित्र एवं चलचित्र बनाने, स्थानीय इतिहास पर अध्ययन-परियोजनाएं संचालित करने तथा समुदाय के बुजुर्गों से मौखिक इतिहास एवं स्थानीय परंपराओं का संकलन करने जैसी गतिविधियां आयोजित होंगी। विद्यार्थियों को पारंपरिक कला एवं शिल्प से परिचित कराने के साथ विरासत दिवस और विरासत उत्सव भी आयोजित किए जाएंगे।
