बोल नहीं सकती तो क्या हुआ, लिखकर भी रख सकती हैं अपना पक्ष; छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की अहम टिप्पणी
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देवरिया, 18 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद देवरिया में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत देवरिया पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते हत्या के मामले में न्यायालय ने दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) आशुतोष सिंह ने बताया कि मामला रामपुर कारखाना थाने में वर्ष 2020 में दर्ज मुकदमे से संबंधित है। पुलिस के अनुसार, मु0अ0सं0-307/2020 में चौथी यादव पुत्र सूरज यादव और सुनैनी देवी पत्नी चौथी यादव, निवासी मधवापुर, थाना रामपुर कारखाना के खिलाफ धारा 302, 504 और 506 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
उन्होंने बताया कि मामले की सुनवाई एएसजे कोर्ट नंबर-3, देवरिया में हुई। पुलिस की ओर से प्रभावी पैरवी और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने 18 सितंबर 2026 को दोनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास तथा 50-50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) आशुतोष सिंह, कोर्ट मोहर्रिर आरक्षी विनोद कुशवाहा, थाना रामपुर कारखाना के पैरवीकार आरक्षी सर्वेश कुशवाहा तथा मॉनिटरिंग सेल प्रभारी दुर्गेश कुमार सिंह का सराहनीय योगदान रहा।
