इंदौर:
शहर के साउथ तोड़ा इलाके में बुधवार को नगर निगम की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब भीड़ को नियंत्रित कर रहे एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल को पीछे से धक्का दे दिया गया। इस घटना में उनका संतुलन बिगड़ गया और वे जमीन पर गिर पड़े। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से 6 लोगों को हिरासत में लिया है।
घटना का विवरण
नगर निगम की टीम ज़ोन-11 के अंतर्गत साउथ तोड़ा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण और निर्माण कार्य के लिए अवैध निर्माण हटाने पहुंची थी। नियमानुसार नोटिस दिए जाने के बावजूद कुछ स्थानीय लोगों और महिलाओं ने सामान हटाने को लेकर विरोध शुरू कर दिया, जिससे मौके पर भीड़ जमा हो गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
जब एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल भीड़ को पीछे हटाने और शांति व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रहे थे, तब भीड़ में शामिल कुछ युवकों ने उन्हें धक्का दे दिया। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने तुरंत स्थिति को संभाला और आरोपियों को पकड़ा। नगर निगम के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान 50 शेड और 6 मकानों के अवैध हिस्सों को हटाया गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 80 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, जबकि निगम की टीम में 100 से अधिक कर्मचारी और मशीनरी शामिल थी। जोनल अधिकारी गितेश तिवारी ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूर्व निर्धारित नोटिस और चिह्नीकरण के आधार पर की गई थी।
एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल ने बताया कि इस मामले में 6 लोगों को हिरासत में लिया गया है और विधिक प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना पर वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि शासकीय कर्तव्य निभा रहे पुलिस अधिकारी पर हमला कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है और ऐसे मामलों में सख्त संदेश दिया जाना चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
संगठन ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से अपील की है कि शासकीय कार्य में बाधा डालने और कानून हाथ में लेने वाले तत्वों के खिलाफ त्वरित और प्रभावी कानूनी कदम उठाए जाएं।