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भारत के जाने-माने ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा अपने पॉडकास्ट ‘गेम चेंजर्स: द म्यूज़िक सीरीज़’ के नए सीज़न के साथ वापस आ गए हैं। इस सीरीज़ में मशहूर गायक, संगीतकार और संगीत की दुनिया के दिग्गज अपने करियर, प्रेरणाओं और उस संगीत से जुड़ी अनसुनी कहानियां साझा करते हैं, जिसने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया है।
इसके ताज़ा एपिसोड में मशहूर गायक और संगीतकार अदनान सामी शामिल हुए। उन्होंने संगीत की दुनिया में अपने सफर और शुरुआती दिनों के बारे में खुलकर बात की।
जब कोमल नाहटा ने उनसे पूछा कि वह खुद को संगीतकार मानते हैं या पियानोवादक, तो अदनान सामी ने कहा, “मैं सबसे पहले खुद को पियानोवादक मानता हूं। बचपन से ही मेरा सपना था कि मैं पियानोवादक और संगीतकार बनूं। मैंने पांच साल की उम्र में पियानो बजाना शुरू किया था और सात साल की उम्र तक मैंने अपना पहला संगीत तैयार कर लिया था।
15 साल की उम्र में मैंने संगीत और डेमो बनाना शुरू कर दिया था। उस समय मैं सोचता था, ‘अगर किशोर कुमार और रफ़ी साहब मेरे संगीत को गाते, तो कितना अच्छा होता!’
कुछ समय बाद लोगों ने मुझसे कहना शुरू किया कि मेरी आवाज़ में मेरा संगीत अच्छा लगता है। मैंने शुरुआत में इस बात को गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन जब मेरे माता-पिता के अलावा दूसरे लोग, खासकर मेरे कज़िन, मेरी आवाज़ की तारीफ़ करने लगे, तो मुझे भी इस बात पर विश्वास होने लगा।”
अदनान सामी ने आगे बताया, “मैंने अपने गाने खुद गाना शुरू कर दिया क्योंकि कोई और उन्हें गाने के लिए तैयार नहीं था। ज़रूरत ही आविष्कार की जननी है।
शुरुआत में जब लोग मेरा परिचय एक गायक के रूप में करवाते थे, तो मुझे थोड़ा अजीब लगता था, क्योंकि मैं अब भी खुद को एक पियानोवादक ही मानता था। लेकिन समय के साथ मुझे इसकी आदत हो गई।”
‘गेम चेंजर्स: द म्यूज़िक सीरीज़’ के जरिए कोमल नाहटा भारतीय सिनेमा और संगीत से जुड़ी बातचीत को एक नया रूप दे रहे हैं। इस सीरीज़ के नए एपिसोड ‘गेम चेंजर: द म्यूज़िक सीरीज़’ के यूट्यूब चैनल पर देखे जा सकते हैं।
