विजय नगर में 61 फीट ऊंचे रावण का दहन, भजन संध्या और आतिशबाजी के साथ संपन्न हुआ दशहरा उत्सव
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जल संरक्षण को लेकर एनडीए शासित राज्यों में अब हर राज्य का अपना ‘कैच द रेन’ प्लान बनाने का सुझाव दिया गया है। जल संरचनाओं की मैपिंग, हर तीन महीने में मुख्य सचिव स्तर पर समीक्षा और बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों के लिए स्टेट वाटर अवार्ड्स शुरू करने का प्रस्ताव भी सामने आया है
भाजपा शासित राज्यों की दो दिवसीय ‘जल मंथन’ कार्यशाला में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ये सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सफल प्रयोगों का आदान-प्रदान जल संरक्षण अभियान को नई गति दे सकता है। कार्यशाला में जल प्रबंधन और भूजल संरक्षण से लेकर प्रशासनिक समन्वय और विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन तक विभिन्न विषयों पर राज्यों ने अपने अनुभव साझा किए।
छत्तीसगढ़ मॉडल की चर्चा मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी से जल संरक्षण के प्रयोगों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘जहां जल गिरे, जब गिरे, वहीं संचित करें’ के विचार को राज्य में जनभागीदारी के साथ जमीन पर उतारने का प्रयास किया गया है।
दिशा दी और जनता ने इसे जनआंदोलन बना दिया। जल संचय जनभागीदारी अभियान के पहले और दूसरे चरण में छत्तीसगढ़ देश में दूसरे स्थान पर रहा, जबकि तीसरे चरण में प्रदेश पहला रहा।
