नलखेड़ा: कुएं में मिले महिला और तीन वर्षीय बेटे के शव, ससुराल पक्ष पर परिजनों ने लगाए आरोप
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काठमांडू। नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। इसी बीच शुक्रवार को एक ऐसी खबर सामने आई जिसने पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में उम्मीद जगा दी। त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो मजदूरों को करीब 9 दिन बाद जिंदा बाहर निकाल लिया गया। दोनों मजदूर करीब 170 मीटर की गहराई में फंसे हुए थे।
सुरंग के अंदर से सुनाई दी आवाज
रेस्क्यू टीम को शुक्रवार को सुरंग के अंदर से इंसानी आवाजें सुनाई दीं। इसके बाद नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल ने बचाव अभियान तेज किया। टीम ने सुरंग के अंदर फंसे लोगों से संपर्क स्थापित किया और इसके बाद एक-एक करके दोनों मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रेस्क्यू किए गए मजदूरों की पहचान संजय साह, जो मैकेनिकल फोरमैन हैं, और कबीर महार्जन, जो मैकेनिकल सुपरवाइजर हैं, के रूप में हुई है। दोनों को बाहर निकालने के बाद चिकित्सा सहायता दी गई और उन्हें इलाज के लिए काठमांडू ले जाया गया।
170 मीटर की गहराई में फंसे थे
अधिकारियों के मुताबिक दोनों मजदूर सुरंग के अंदर करीब 170 मीटर की गहराई में फंसे हुए थे। बाढ़ और मलबे के कारण सुरंग तक पहुंचना बेहद मुश्किल था। इसके बावजूद बचाव दल लगातार रास्ता बनाने में जुटा रहा। दोनों मजदूरों का जिंदा मिलना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ के बाद कई लोग अब भी लापता हैं। सुरंग से दो लोगों के सुरक्षित निकलने के बाद दूसरी जगहों पर फंसे लोगों के जिंदा होने की उम्मीद भी बढ़ गई है।
अभी और लोगों की तलाश जारी
रेस्क्यू टीमों का अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। अधिकारियों को आशंका है कि त्रिशूली-3A परियोजना की सुरंग में करीब 40 और लोग फंसे हो सकते हैं। इसके अलावा त्रिशूली नदी के आसपास मौजूद कई हाइड्रोपावर परियोजनाओं में बड़ी संख्या में कर्मचारियों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। 26 अगस्त की फ्लैश फ्लड ने नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई थी। बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है और हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। ऐसे में नौ दिन बाद दो मजदूरों का जिंदा मिलना बचाव दलों और उनके परिवारों के लिए उम्मीद की बड़ी खबर है।
रेस्क्यू ऑपरेशन बना उम्मीद की किरण
सुरंग से दो मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद बचाव दल अब अन्य संभावित जीवित लोगों की तलाश में जुटे हैं। मलबे और पानी के बीच चल रहा यह अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण है, लेकिन दो लोगों के जिंदा मिलने से रेस्क्यू टीमों का हौसला बढ़ा है।
