नलखेड़ा: कुएं में मिले महिला और तीन वर्षीय बेटे के शव, ससुराल पक्ष पर परिजनों ने लगाए आरोप
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सुपौल, 03 सितंबर । जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल के सचिव के रूप में अमित गौरव ने अपना योगदान दिया है। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा कि न्याय की प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने के साथ अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन उनकी प्राथमिकता होगी।
उन्होंने कहा कि छोटे से छोटे और बड़े से बड़े मुकदमों के निष्पादन के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। सचिव अमित गौरव ने कहा कि न्यायालय में योगदान देने के बाद उनकी कोशिश रहेगी कि लोगों को विधिक सहायता और न्याय प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने तथा लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।
उन्होंने आम लोगों से विशेष रूप से 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोक अदालत आपसी सहमति और सुलह के आधार पर मामलों के त्वरित समाधान का बेहतर माध्यम है। इससे पक्षकारों को समय और धन दोनों की बचत होती है।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जिन मामलों का समाधान आपसी समझौते के माध्यम से संभव है, उन्हें राष्ट्रीय लोक अदालत में लाकर निपटाएं। उन्होंने संबंधित विभागों और अधिवक्ताओं से भी लोक अदालत को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की।
