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नई दिल्ली। अगर आप नौकरी के साथ कोई अतिरिक्त कमाई का जरिया तलाश रहे हैं या घर से अपना छोटा बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो कई ऐसे काम हैं जिन्हें कम निवेश के साथ शुरू किया जा सकता है। खास बात यह है कि इनमें शुरुआत के लिए बड़ी दुकान या भारी-भरकम मशीनरी की जरूरत नहीं होती।
ऐसा ही एक बिजनेस होममेड स्नैक्स और नाश्ते का बिजनेस है। इसकी शुरुआत घर की रसोई से की जा सकती है और आसपास के ग्राहकों, ऑफिस, दुकानों और ऑनलाइन ऑर्डर के जरिए बिक्री बढ़ाई जा सकती है।
घर से शुरू करें नाश्ते का बिजनेस
सुबह के समय पोहा, उपमा, इडली, पराठा, समोसा, कचौरी और दूसरे नाश्ते की मांग कई जगहों पर रहती है। अगर आपके इलाके में ऑफिस, स्कूल, कॉलेज या बाजार है तो वहां संभावित ग्राहक मिल सकते हैं।
शुरुआत में सिर्फ 3-4 आइटम रखकर कारोबार शुरू किया जा सकता है। ग्राहक बढ़ने के साथ मेन्यू भी बढ़ाया जा सकता है।
इस बिजनेस की खासियत यह है कि अगर घर में पहले से गैस, बर्तन और किचन की सुविधा मौजूद है तो शुरुआती खर्च को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
पैसा मुख्य रूप से कच्चे माल, पैकेजिंग, गैस, डिलीवरी और मार्केटिंग पर खर्च होगा। शुरुआत छोटे स्तर से करके बिक्री के हिसाब से निवेश बढ़ाना ज्यादा बेहतर तरीका हो सकता है।
मान लीजिए आप रोजाना 50 प्लेट नाश्ता बेचते हैं और एक प्लेट की औसत कीमत ₹40 है।
50 × ₹40 = ₹2,000 की रोजाना बिक्री
अगर महीने में 26 दिन काम होता है तो बिक्री करीब ₹52,000 हो सकती है। इसमें से कच्चे माल और दूसरे खर्च निकालने के बाद वास्तविक मुनाफा तय होगा।
अगर ग्राहक और ऑर्डर बढ़ते हैं तो कारोबार की बिक्री और मुनाफा दोनों बढ़ सकते हैं।
आज के समय में छोटे बिजनेस की मार्केटिंग के लिए सोशल मीडिया काफी उपयोगी हो सकता है। आप अपने खाने की तस्वीरें और मेन्यू WhatsApp, Instagram और Facebook पर शेयर कर सकते हैं।
इसके अलावा आसपास के ऑफिस और दुकानों में सीधे संपर्क करके भी नियमित ऑर्डर हासिल करने की कोशिश की जा सकती है।
फूड बिजनेस में ग्राहक दोबारा तभी आता है जब उसे खाना पसंद आए और गुणवत्ता अच्छी मिले। इसलिए स्वाद के साथ साफ-सफाई, अच्छी पैकेजिंग और समय पर डिलीवरी पर भी ध्यान देना जरूरी है।
खाने का कारोबार शुरू करने से पहले लागू FSSAI और स्थानीय नियमों की जानकारी लेकर जरूरी रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस पूरे करना भी जरूरी है।
इस तरह के बिजनेस में शुरुआत में बड़ी रकम लगाने के बजाय पहले स्थानीय बाजार को समझना बेहतर है। पहले कम आइटम और सीमित ग्राहकों के साथ शुरुआत करें। जब रोजाना ऑर्डर आने लगें तो मेन्यू, डिलीवरी क्षेत्र और उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा सकती है।
ध्यान रखें: किसी भी बिजनेस में कमाई की गारंटी नहीं होती। वास्तविक कमाई बिक्री, लागत, ग्राहक संख्या और आपके इलाके की मांग पर निर्भर करेगी।
