इस भागीदारी से कम-कार्बन वाली अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय गतिविधियों से जुड़े उत्सर्जन को मापने और इसके प्रंबधन के प्रति बैंक की प्रतिबद्धता और दृढ़ होगी।
मुंबई, 24 अगस्त, 2026: इंडसइंड बैंक ने आज घोषणा की कि वह ‘पार्टनरशिप फॉर कार्बन अकाउंटिंग फाइनेंशियल्स’ (पीसीएएफ) में शामिल हो गया है। पीसीएएफ वित्तीय संस्थानों का वैश्विक गठजोड़ है जो वित्तीय गतिविधियों से जुड़े ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन को मापने और उसकी जानकारी देने के लिए सुसंगत दृष्टिकोण विकसित करने और इसे लागू करने का प्रयास कर रहा है।
इंडसइंड बैंक, अपनी वहनीयता यात्रा के अंग के रूप में अपनी व्यावसायिक रणनीति और जोखिम प्रबंधन प्रक्रियाओं में पर्यावरण, सामाजिक और गवर्नेंस (ईएसजी) से जुड़े पहलुओं को शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। पीसीएएफ में शामिल होना बैंक के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है। इंडसइंड बैंक इसके ज़रिये पारदर्शिता बढ़ाना चाहता है, साथ ही जलवायु से जुड़ी जानकारी प्रदान करने की प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाना चाहता है और अपने ऋण एवं निवेश पोर्टफोलियो से जुड़े कार्बन फुटप्रिंट को मापने तथा इसके प्रबंधन के लिए मज़बूत ढांचा तैयार करना चाहता है।
पीसीएएफ वित्तीय संस्थानों को अपनी वित्तीय गतिविधियों से होने वाले उत्सर्जन का आकलन करने और उसकी जानकारी प्रदान करने में मदद करता है। इससे उन्हें जलवायु से जुड़े जोखिमों और अवसरों को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है और साथ ही वे अधिक वहनीय अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने में सहयोग कर पाते हैं। दुनिया भर के 750 से अधिक वित्तीय संस्थानों की भागीदारी के साथ, पीसीएएफ ‘स्कोप 3 कैटेगरी 15’ अकाउंटिंग के लिए प्रमुख ढांचा बन गया है।
इंडसइंड बैंक नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, वहनीय बुनियादी ढांचा और जलवायु के लिहाज़ से लाभप्रद अन्य क्षेत्रों में वित्तपोषण कर अपनी वहनीय वित्तीय नीति को लगातार आगे बढ़ा रहा है। बैंक, पीसीएएफ की कार्यप्रणाली को अपनाकर वित्तीय गतिविधियों से जुड़े उत्सर्जन के लिए विश्वसनीय आधार (बेसलाइन) स्थापित करना चाहता है, साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में डीकार्बनाइज़ेशन के अवसरों की पहचान कर और कम-कार्बन वाले व्यवसाय मॉडल की ओर बढ़ने में ग्राहकों की मदद करना चाहता है।