राज्यपाल रमेन डेका से राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने की सौजन्य भेंट
Spread the loveरायपुर–छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका से...
Spread the loveरायपुर–छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका से...
Spread the loveमुख्यमंत्री ने कहा- समृद्ध अनुभव और...
Spread the love00 समस्याओं का भौतिक सत्यापन कर...
लखनऊ,23 अगस्त। स्वाधीनता संग्राम सेनानी अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी के 91वें बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को झंडेवाला पार्क, अमीनाबाद में उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 23 अगस्त 1935 को मात्र 32 वर्ष की उम्र में भारत माता के महान सपूत अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी ने ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती देते हुए इसी पार्क में भारत का तिरंगा फहराया था। उस समय तिरंगा स्वाधीनता का प्रतीक था। कायर ब्रिटिश सरकार ने उनके इस साहस का जवाब गोलियों से दिया और वह देश की आजादी के लिए शहीद हो गए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुलाब सिंह लोधी बलिदान हुए लेकिन आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वाधीनता का एक स्वर्णिम पृष्ठ छोड़ गए हैं। उनके बलिदान के महज 12 वर्ष बाद देश ब्रिटिश दासता से मुक्त होकर स्वतंत्र हुआ।
किसान परिवार में जन्मे, आजादी के लिए न्योछावर किया जीवन
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इस अवसर पर प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश की जनता की ओर से वह अमर शहीद की पुण्य स्मृतियों को नमन करते हैं। गुलाब सिंह लोधी का जन्म वर्ष 1903 में उन्नाव के एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। बचपन से ही उनके भीतर देश की आजादी के लिए जज्बा था। इसी भावना के साथ उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया और लखनऊ आकर देश की स्वाधीनता के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए प्रदेश सरकार ने उन्नाव जिले में पार्क, स्वास्थ्य केंद्र और पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय का नामकरण उनके नाम पर करते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। प्रदेश सरकार अपने उन सभी अमर बलिदानियों के पुण्य स्मरण को जीवंत बनाये रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
महापुरुषों की स्मृतियों को संरक्षित करेगी सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी जैसे क्रांतिकारियों ने देश की आन, बान और शान को बनाए रखने के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया। उनकी स्मृतियों को जीवंत बनाए रखना वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और अमर बलदानियों की स्मृतियों को संरक्षित रखने के लिए स्मारक निर्माण के कार्यक्रम को निरंतर आगे बढ़ाएगी।
महापुरुषों के स्मारकों के लिए करीब 500 करोड़ रुपये स्वीकृत
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि हाल ही में प्रदेश सरकार ने सामाजिक न्याय और देश के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले महापुरुषों के सम्मान में करीब 500 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इस धनराशि से बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, सद् गुरु रविदास जी महाराज, महर्षि वाल्मीकि जी महाराज समेत अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं पर छाजन लगाने, पार्कों के नवनिर्माण और उन्हें सुरक्षित बनाने के कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के प्रति श्रद्धा और सम्मान का यह क्रम लगातार आगे बढ़ता रहेगा।
