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प्रयागराज में गंगा-यमुना खतरे के निशान से करीब चार मीटर नीचे
24 घंटे में फाफामऊ में 16 और छतनाग में चार सेंटीमीटर की बढ़ोतरी
प्रयागराज, 23 अगस्त । उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में गंगा और यमुना का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से काफी नीचे बना हुआ है। जिला प्रशासन की ओर से 23 अगस्त को सुबह आठ बजे जारी जलस्तर रिपोर्ट के अनुसार दोनों नदियों के सभी तटबंध सुरक्षित हैं और कहीं भी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। हालांकि, पिछले 24 घंटे में फाफामऊ में गंगा के जलस्तर में 16 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि नैनी में यमुना का जलस्तर छह सेंटीमीटर घटा है।
जिला प्रशासन के अनुसार प्रयागराज में बाढ़ का खतरे का निशान 84.734 मीटर निर्धारित है। 23 अगस्त की सुबह आठ बजे यमुना का जलस्तर नैनी में 80.63 मीटर दर्ज किया गया। यहां पिछले 24 घंटे में जलस्तर में छह सेंटीमीटर की कमी आई है। नैनी क्षेत्र में इस अवधि में 53.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 81.27 मीटर रहा, जो पिछले 24 घंटे की तुलना में 16 सेंटीमीटर अधिक है। फाफामऊ क्षेत्र में 56.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं छतनाग में गंगा का जलस्तर 80.30 मीटर रहा और यहां 24 घंटे में चार सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। छतनाग में 64.0 मिलीमीटर वर्षा हुई।
इसी तरह एसटीपी-बक्सी बांध पर जलस्तर 80.77 मीटर दर्ज किया गया, जहां पिछले 24 घंटे में 11 सेंटीमीटर की कमी आई है।
प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में सभी तटबंध सुरक्षित हैं। नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव को देखते हुए प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बारिश और नदियों के जलस्तर में संभावित बदलाव को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल गंगा और यमुना दोनों नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे होने के कारण प्रयागराज में बाढ़ का तत्काल कोई खतरा नहीं है। हालांकि, लगातार हो रही वर्षा के कारण नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
