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– महापौर और नगर आयुक्त ने मौके पर पहुंचकर संभाली कार्रवाई, पुलिस बल व प्रवर्तन टीम के साथ चला सघन अभियान
लखनऊ, 18 अगस्त । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पारा क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित दूध डेयरियों के खिलाफ नगर निगम ने मंगलवार को बड़ी और सख्त कार्रवाई की। 16 अगस्त को नगर निगम एवं पुलिस की टीम पर हुए हमले की घटना को गंभीरता से लेते हुए महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार ने स्वयं मौके पर पहुंचकर अभियान का जायजा लिया और अधिकारियों को अवैध डेयरियों के खिलाफ प्रभावी एवं कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
महापौर ने मौके पर अधिकारियों के साथ कार्रवाई की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि शहर में नियमों का उल्लंघन कर अवैध रूप से डेयरी संचालित करने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को अभियान को प्रभावी ढंग से जारी रखने और अवैध गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त गौरव कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल, प्रवर्तन दल एवं कैटिल कैचिंग दस्ते के संयुक्त सहयोग से विशेष अभियान चलाया गया। नगर आयुक्त ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कार्रवाई की जानकारी ली और अभियान को पूरी गंभीरता एवं सुरक्षा व्यवस्था के साथ आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। अभियान के दौरान कुल 197 पशुओं को पकड़कर निरुद्ध कराया गया। इनमें 46 भैंसों को राधा उपवन गौशाला, 40 भैंसों को ठाकुरगंज कांजी हाउस, 31 भैंसों को पीजीआई कांजी हाउस, 33 भैंसों को आलमबाग कांजी हाउस तथा 46 भैंस और 1 बड़ी पड़िया को ऐशबाग कांजी हाउस भेजा गया।
नगर निगम की टीम ने बुद्धेश्वर, पारा, गढ़ियाना, ज्ञानेन्द्र विहार और शकुंतला मिश्र विश्वविद्यालय रोड पर विशेष अभियान चलाया। इस दौरान अवैध रूप से संचालित दूध डेयरियों को चिन्हित कर पशुओं को हटाने और उन्हें निर्धारित स्थानों पर निरुद्ध कराने की कार्रवाई की गई।
गौरतलब है कि 16 अगस्त को अवैध डेयरियों के खिलाफ कार्रवाई करने गई नगर निगम एवं पुलिस की टीम पर स्थानीय अराजक तत्वों ने हमला किया था। इस घटना में नगर निगम एवं पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी घायल हुए थे। घटना के बाद नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने या टीम के साथ अभद्रता एवं हमला करने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। अभियान के दौरान पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा, जोन-छह के जोनल अधिकारी अमरजीत यादव, प्रवर्तन टास्क फोर्स (ईटीएफ), कैटिल कैचिंग दस्ता एवं भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
