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    मठ वाला कुआ गरबा महोत्सव समिति द्वारा आकस्मिक व कोरोना से हुवे दिवंगत आत्माओ को श्रद्धांजलि दी गई । ओर महोत्सव का आज पांचवा दिन

    थांदला से (विवेक व्यास, माधव एक्सप्रेस) थांदला नगर में मठ वाला कुआ गरबा महोत्सव समिति द्वारा आकस्मिक व कोरोना से दिवंगत हुवे सभी समाजसेवी ओर कार्यकर्ताओ जैसे स्वर्गीय पूनमचन्द मिस्त्री, स्वर्गीय रमेश जागीरदार स्वर्गीय फकीर चंद राठौड़ स्वर्गीय नारायण लाल राठौर स्वर्गीय संजय राठौड़ स्वर्गीय लव आचार्य स्वर्गीय पंकज तालेरा स्वर्गीय राम जी राठौर स्वर्गीय करण राठौड़ स्वर्गीय कान्हा राठौड़ स्वर्गीय मनोज वैद्य स्वर्गीय नंदीश पवार ओर स्वर्गीय गोपाल पेंटर सिसोदिया द्वारा सन 73 में 1रुपये की रसीद काटकर नवरात्रि करते थे एक बार ऐसा हुआ कि नवरात्रि में राशि की व्यवस्था नही होने से गोपाल पेंटर सिसोदिया ने अपनी सायकल बेचकर लोगो राशि दि। ऐसे कार्यकर्ता आज हमारे बीच नही है सभी को विनम्र श्रद्धांजलि। समिति के अध्यक्ष कमलेश जैन , सचिव किशोर पडियार , संयोजक समर्थ उपाध्याय द्वारा सभी को श्रद्धांजलि दी गई ओर आज महोत्सव का पांचवा दिन में मां स्कंदमाता के नाम होता है। मां के हर रूप की तरह यह रूप भी बेहद सरस और मोहक है। स्कंदमाता अपने भक्त को मोक्ष प्रदान करती है। चाहे जितना भी बड़ा पापी क्यों ना हो अगर वह मां के शरण में पहुंचता है तो मां उसे भी अपने प्रेम के आंचल से ढ़क लेती है।
    इस देवी की चार भुजाएं हैं। यह दायीं तरफ की ऊपर वाली भुजा से स्कंद को गोद में पकड़े हुए हैं। नीचे वाली भुजा में कमल का पुष्प है। बायीं तरफ ऊपर वाली भुजा में वरदमुद्रा में हैं और नीचे वाली भुजा में कमल पुष्प है। कहते हैं कि इनकी कृपा से मूढ़ भी ज्ञानी हो जाता है। स्कंद कुमार कार्तिकेय की माता के कारण इन्हें स्कंदमाता नाम से अभिहित किया गया है। यह कमल के आसन पर विराजमान रहती हैं। इसीलिए इन्हें पद्मासना भी कहा जाता है। सिंह इनका वाहन है
    महोत्सव में भक्तो की अपार भीड़ के साथ रंगीन, चमचमाती ओर सुंदर सुंदर वेशभूषा के साथ लड़के लडकिया महिलाए पुरुष भी माँ की आराधना में लीन है वही पुलिस प्रशासन व थाना प्रभारी कौशल्या चौहान द्वारा नगर में प्रमुख चौराहो पर भृमण किया। नवरात्रि की शुभकामनाए

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