Thursday ,21-Feb-19 ,

आॅल इण्डिया दाल मिल एसोसिएषन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय एक्जीबिषन के दूसरे दिन उमड़ा जन सैलाब

  • Post on 2019-02-09

इंदौर - इंदौर आॅल इण्डिया दाल मिल एसोसिएशन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय एक्जीबिशन के दूसरे दिन खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े लगभग 5 हजार दाल मिलर्स, व्यापारियों एवं उद्योगपतियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह जानकारी देते हुए संस्था के अध्यक्ष सुरेेश अग्रवाल, उपाध्यक्षद्वय अनिल सुरेका एवं सुभाष गुप्ता और दिनेश अग्रवाल ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि संस्था द्वारा आयोजित आधुनिक एवं नवीनतम टेक्नालाॅजी की कलर सार्टेक्स मशीन और मशीनरी पार्टस की एक्जीविशन को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।  इस एक्जीविशन में पूरे भारत से म.प्र. के अतिरिक्त महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, आन्द्रप्रदेश तेलंगाना, पंजाब, उ.प्र. हरियाणा, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, प. बंगाल, तमिलनाडू सहित अन्य प्रांतो से भी लगभग 5 हजार दाल मिलर्स, व्यापारियों एवं उद्योगपतियों ने मशीनों का प्रदर्शन देखा।  एक्जीविशन में नवीन टेक्नालाॅजी की कलर सार्टेक्स मशीनों की विभिन्न नेशनल एवं इंटरनेशनल कम्पनियों ने उत्पादों का डेमो (प्रदर्शन) किया, जिसमें मिरर काॅमास कलर सार्टेक्स साउथ कोरिया के मेनेजिंग डायरेक्टर प्रसाद जरीपटके ने मशीन का डेमो कर बताया कि कम्पनी द्वारा निर्मित कलर सार्टेक्स मशीन का मल्टी कमोडिटी उपयोग है, मशीन द्वारा दालों, सभी प्रकार के खाद्यान्नों को शार्ट क्लिनिंग कर उसे हाइजिंनिंक (सुपर फाइन क्वालिटी) बनाया जाता है। मशीन के 30 लाख से 70 लाख तक के प्रोडक्टस उपलब्ध हैं। नवीनतम मशीनों द्वारा दालों के सार्टेक्स (क्लिनिंग एवं क्वालिटी) के अतिरिक्त अन्य खाद्यान्न, मसाले, सीड्स एवं प्लास्टिक की रिसाइक्लिंग का काम भी किया जाता है।  फ्रीगाॅर-टेक, जमर्नी के एशिया के सेल्स मेनेजर डाॅ. क्लाॅस एम. ब्रोनबेक ने अपने प्रोडक्ट की विशेषता का प्रदर्शन करते हुए बताया कि आमतौर पर व्यापारियों एवं किसानों द्वारा स्वयं के गोदामों एवं वेयरहाउसेस में दलहन एवं अनाज का भंडारण किया जाता है, जिसमें माल को सुरक्षित रखने के लिए रसायनों एवं कीटनाशकों का उपयोग किया जाता है इसके बावजूद भी सुरक्षित नहीं रह पाता, जिससे काफी नुकसान होता है। इन सभी परिस्थितियों से बचने के लिए कम्पनी द्वारा ग्रेन को सुरक्षित रखने के लिए कुलिंग एवं हीट ट्रीटमेंट सिस्टम का निर्माण किया गया है। जिसमें माल का स्टोरेज करने पर माल डेमेज नहीं होगा, साथ ही कीट एवं फंगल से माल सुरक्षित रहेगा। कम्पनी द्वारा निर्मित यह सिस्टम 23 किलो वाट से लगाकर 215 किलो वाट तक की बिजली से चलने वाले हैं तथा इनकी छोटे प्लांट की कीमत 20 लाख रू. एवं बड़े प्लांट की कीमत 1 करोड़ रू. तक की है।  काॅस्ट फ्री स्टील्स प्रा. लि. दिल्ली के सीनियर मेनेजर सुनील गाखिल ने अपने प्रोडक्ट के डेमो में बताया कि कम्पनी द्वारा ग्रेन स्टोरेज सायलोज एण्ड लिक्विड स्टोरेज कंटेनर का निर्माण किया जाता है, जो कि 1.5ः जिंक एवं 55ः एल्यूमिनियम एवं शेष सिलिकाॅन द्वारा निर्मित है जिसमें माल का संग्रहण करने पर माल एक से डेढ़ वर्ष तक पूर्णतः सुरक्षित रहता है।  मिल्टेक मशीनरी लि. बैंगलोर के मार्केटिंग डिप्टी जनरल मेनेजर देवोपम दत्ता ने बताया कि कम्पनी द्वारा दलहन, विभिन्न खाद्यान्न, मसाले सोयाबीन सहित अन्य सीड्स के प्रोसेसिंग से सम्बंधित सभी प्रकार के आधुनिक एवं नवीनतम टेक्नालाॅजी की मशीनों का निर्माण किया जाता है जो कि 2000 कि.ग्रा. प्रति घण्टा से लगाकर 22 से 25 टन प्रति घण्टा की क्षमता से फूड प्रोसेसिंग का कार्य करती है।  इसके अतिरिक्त लगभग 100 से अधिक नेशनल एवं इंटरनेशनल कम्पनियों ने अपने अपने फूड प्रोसेसिंग मशीनों का प्रदर्शन कर अपने उत्पादों की विशेषता, गुणवत्ता एवं कार्यशैली के बारे में उपस्थित व्यापारियों और उद्योगपतियों को जानकारी प्रस्तुत की। सुरेश अग्रवाल अध्यक्ष