जीवन मंत्र

हनुमान जयंती के दिन किन उपायों को करने से भक्‍त का जीवन बदल सकता है।

इस वर्ष 19 अप्रैल को हनुमान जयंती मनाई जा रही है। यह दिन हनुमान जी की पूजा का सबसे बड़ा दिन माना जाता है। इस दिन अगर कोई भी व्‍यक्‍ति सच्‍चे मन से हनुमान जी की अराधना करे तो उसे काफी लाभ पहुंचता है। मान्‍यता है कि इस दिन किये गए खास उपाय व्‍यक्‍ति को विशेष फल प्रदान करते हैं। इस दिन अगर आप हनुमान जी के मंदिर में लाल रंग का चोला चढ़ाते हैं तो उसका भी खास लाभ होता है। श्री हनुमान को सिंदूर अत्यंत प्रिय है। उनकी पूजा से पहले आप उन्‍हें सिंदूरी का लेप लगा सकते हैं। इससे जीवन में सकारात्‍मकता आती है। हनुमान जी को सिंदूर का चोला चढ़ाने से एवं मूर्ति का स्पर्श करने से सकारात्मक ऊर्...

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आदि शक्ति दुर्गा के नौ रूप

नवरात्रों का भारतीय समाज और विशेषकर हिन्दू समुदाय में विशेष महत्व है। नवरात्र को विश्व की आदि शक्ति दुर्गा की पूजा का पावन पर्व माना गया है। नवरात्र के 9 दिन देवी के विभिन्न स्वरूपों की उपासना के लिए निर्धारित हैं। नवरात्र प्रतिपदा से शुरू होकर नवमी तक चलते हैं और शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की प्रतिमाएं बनाकर प्रतिपदा से नवमी तक उनकी बड़ी निष्ठा से पूजा की जाती है। व्रत रखा जाता है। दशमी के दिन इन प्रतिमाओं को गंगा या अन्य पवित्र नदियों में विसर्जित कर दिया जाता है। नवरात्र नवशक्तियों से युक्त हैं और हर शक्ति का अलग महत्व है। प्रतिपदा (महाकाली शैलपुत्री) पहले स्वरूप मे...

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नवरात्र के टोटके , पूरी हो सकती है हर मनोकामना

शास्त्रो के अनुसार जीवन के सभी क्षेत्रो में सफलता प्राप्त करने के लिए माँ दुर्गा की आराधना परम सुखदायी है। नवरात्रि माँ दुर्गा को अत्यंत प्रिय है ।शास्त्रो में वर्णित है कि नवरात्रि में माँ दुर्गा अपने भक्तो के सभी कष्ट दूर करती है। ऐसा माना जाता है कि नवरात्र में किये गए सात्विक उपाय शीघ्र फलदायी होते है। नवरात्र में कुछ अचूक उपायों को करके भक्तो की सभी मनोकामनाएँ निश्चय ही पूर्ण होती है। यहाँ पर ऐसे ही नवरात्रि के अचूक उपाय दिए जा रहे है जिन्हें पूर्ण श्रद्धा एवं विश्वास से करने से जीवन में सुखो का वास रहेगा। नवरात्रि में पूजा के समय प्रतिदिन माता को शहद एवं इत्र ...

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होली के अचूक उपाय और टोटके

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, होली के दिन किए गए उपाय बहुत ही जल्दी शुभ फल प्रदान करते हैं। आज हम आपको होली पर किए जाने वाले ऐसे ही अचूक उपायों के बारे में बता रहे हैं, जो इस प्रकार हैं 1. होली की रात सरसों के तेल का चौमुखी दीपक घर के मुख्य द्वार पर लगाएं व उसकी पूजा करें। इसके बाद भगवान से सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें। इस प्रयोग से हर प्रकार की बाधा का निवारण होता है 2. यदि व्यापार या नौकरी में उन्नति न हो रही हो, तो 21 गोमती चक्र लेकर होलिका दहन की रात में शिवलिंग पर चढ़ा दें। इससे बिजनेस में फायदा होने लगेगा। 3. होली पर किसी गरीब को भोजन अवश्य कराएं। इससे आपकी मनोकामना पूरी होगी। ...

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इस बार चैत्र नवरात्रि में बनेंगे विशेष योग

इस बार चैत्र नवरात्रि विशेष योगों में मनाई जाएगी। हिन्दू पंचांग के अनुसार आगामी छह अप्रैल से चैत्र शुक्ल पत्र प्रतिपदा को नवरात्रि शुरू हो रही है, जो कि आगामी 14 अप्रैल तक चलेगी। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, इस दौरान पांच बार सर्वार्थसिद्धि, दो बार रवि और एक बार रवि पुष्य नक्षत्र का संयोग बन रहा है। यह संयोग साधना-सिद्दधि के साथ सुख-समृद्धि दायक माना जाता है। भोपाल स्थित ज्योतिष संस्थान मठ के ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद गौतम ने बताया कि इस साल चैत्र नवरात्रि आगामी छह अप्रैल, दिन शनिवार को चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होकर 14 अप्रैल को महानवमी तक चलेगी। इस दौ...

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सोमवार के दिन करें ये उपाय, आप पर बरसेगी भोलेनाथ की कृपा

भगवान शिव को संहार का देवता कहा जाता है। भगवान शिव सौम्य आकृति एवं रौद्ररूप दोनों के लिए विख्यात हैं। और भगवान शिव को भोलेनाथ इसलिए कहा जाता है क्युकी वह अपने भक्तो से बहुत जल्द प्रसन्न हो जाते है बताया जाता है की देवो के देव महादेव, की सच्चे मन से पूजा करने पर वह जल्द ही अपने भक्तो की मनोकामनाएं पूर्ण कर देते है और यह बात तो सभी को पता है की सोमवार को भगवान शिव का दिन माना जाता है। लोग इस दिन शिवलिंग की पूजा करते हैं और भगवान शिव को खुश करने की कोशिश करते हैं। महादेव भगवान की आराधना बहुत मंगलकारी मानी जाती है। वेदों के अनुसार महादेव को सृस्टि के पालनहार कहा गया है। शास्त्रों...

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महाशिवरात्रि के उपाय और टोटके

इस दिन अपनी यथाशक्ति अनुसार दान अवश्य करे| शिवरात्रि की एक रत पहले किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को चीनी, चावल, घी, सफ़ेद वस्त्र, तिल, और धन का दान करे| शास्त्रो में ऐसा माना गया है कि इस दिन किए गए दान से सभी जन्मो के पापो का नाश होता है, पितरो का उद्धार होता है और अक्षय पुण्यो की प्राप्ति होती है| इस दिन किये गए अनाज के दान से सुख समृद्धि, चीनी और घी के दान से मान सम्मान, ऐश्वर्य और पारिवारिक सुख, तिल के दान से आरोग्य, दीर्घायु एवं धन के दान से आकस्मिक आपदाओ से रक्षा होती है| अगर आप बाबा भोले से अपनी मनवांछित इच्छा पूरी करवाना चाहते है तो इस दिन बिल्व पत्र के वृक्ष की पूजा करे| उन्हें जल च...

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नारियल चढ़ाकर पा सकते है बाप्पा से मनचाहा वरदान

बाप्पा के आपने कई रुप देखे होंगे, लेकिन मध्यप्रदेश के महेश्वर में गजानन की गोबर की मूर्ति है। ये मूर्ति हजारों साल पुरानी है, कहते हैं यहां नारियल चढ़ाकर पा सकते है बाप्पा से मनचाहा वरदान। माथे पर मुकुट, गले में हार, और खूबूसरत श्रृंगार बाप्पा के इस मनमोहक रूप में छिपा है। भक्तों के हर दुख दर्द का इलाज। गणपति का ये रुप मन मोह लेता है और हैरान भी करता है क्योंकि यहां गणपति को गोबर गणेश के नाम से पुकारते हैं भक्त। मध्य प्रदेश के नीमाड़ क्षेत्र में माहेश्वर कस्बे में बाप्पा देते हैं बड़े ही भव्य रूप में दर्शन। माहेश्वर में महावीर मार्ग पर बनी गणपति की ये प्रतिमा गोबर और मिट्ट...

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मंदिर के एक स्तंभ से सुनाई देते हैं संगीत के सुर

बसंत पंचमी पर सरस्वती माता की पूजा का विशेष विधान है। सरस्वती को विद्या की देवी माना जाता है। सरस्वती माता के इस मंदिर के बारे में तरह-तरह की किवदंतियां प्रचलित है। यह मंदिर आंध्र प्रदेश के बासर गांव में गोदावरी नदी के तट पर स्थित है। इस मंदिर में केंद्रीय रूप से सरस्वती माता की भव्य प्रतिमा स्थापित है, उनके साथ लक्ष्मी माता भी यहां विराजमान हैं। सरस्वती देवी की मूर्ति लगभग 4 फुट की ऊंची है। यहां वह पद्मासन मुद्रा में है। इस मंदिर की सबसे खास बात है कि मंदिर के एक स्तंभ से संगीत के सातों स्वर सुनाई देते हैं, इसी विशेषता के चलते भक्त यहां खींचे चले आते हैं। कोई भी ध्यानपूर्व...

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एकाग्रता से मिलता है लक्ष्य

हमें शुरुआत से ही बार-बार ध्यान लगाकर काम करने की सीख दी जाती है पर वर्तमान में इस पर गौर किया जाए, तो ध्यान की कमी नजर आती है। एकाग्रता के संबंध में धनुर्धर अर्जुन से सीख लें। अर्जुन को अपने लक्ष्य के अतिरिक्त कुछ दिखाई नहीं देता था। जब मन एक कार्य पर एकाग्र होता है, उस समय ध्यान की तीव्रता अत्यधिक बढ़ जाती है। परिणामस्वरूप आप कार्यों को भली-भांति संपन्न करते हैं। आज के समय में जब प्रतियोगिता इतनी अधिक बढ़ गई है तो गहन कार्य या पूर्ण एकाग्रता के साथ काम करना न सिर्फ समय का सदुपयोग है, बल्कि समय नियोजन भी है। अस्त-व्यस्त दिनचर्या की अगर कोई काट है तो वह मानसिक एकाग्रता के साथ ...

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कुंडली से पता चलते हैं कलह और मधुरता के योग

दाम्पत्य में जीवन साथी अनुकूल हो तो हर तरह की परिस्थितियों का सामना किया जा सकता है लेकिन यदि दाम्पत्य जीवन में दोनों में से किसी भी एक व्यक्ति का व्यवहार यदि अनुकूल नहीं रहता है तो रिश्ते में कलह और परेशानियों का दौर लगा रहता है। ज्योतिषशास्त्र में जातक की जन्म कुंडली को देखकर, यह अनुमान लगाया जा सकता है कि आपके दाम्पत्य जीवन में कलह के योग कब उत्पन्न हो सकते हैं। जीवन में कब बनते हैं कलह के योग- कुंडली में सप्तम या सातवाँ घर विवाह और दाम्पत्य जीवन से सम्बन्ध रखता है। यदि इस घर पर पाप ग्रह या नीच ग्रह की दृष्टि रहती है तो वैवाहिक जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।...

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एकादशी, कैसे करें ये व्रत और क्या है कार्तिक एकादशी का महत्व

एकादशी को पुराणों में सभी व्रतों में महत्वपूर्ण बताया गया है। ये व्रत साल में 24 बार किया जाता है यानी एक महीने में 2 बार एकादशी का व्रत किया जाता है। इनमें भी कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी देवउठनी एकादशी और भी खास है। इस दिन भगवान विष्णु 4 महीने की योग निद्रा से जागते हैं। शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति एकादशी के दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करता है उसके कई जन्मों के पाप कट जाते हैं और व्यक्ति विष्णु लोक में स्थान प्राप्त करता है। कैसे करें ये व्रत - देवउठनी एकादशी व्रत करने की इच्छा रखने वाले मनुष्य को एकादशी से एक दिन पहले दशमी के दिन मांस, प्याज, लहसुन, म...

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दिवाली / लक्ष्मी जी की पूजा इस आरती से होती है पूरी, साथ ही जानिए पूरी विधि

कार्तिक माह की अमावस्या यानी दिवाली पर लक्ष्मी जी की पूजा और आरती का खास महत्व होता है। आरती के बिना पूजा अधूरी होती है। दिवाली पर लक्ष्मी जी की आरती में कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है। दिवाली की आरती घी की बत्तियों से करनी चाहिए। आरती में अपनी श्रद्धा के अनुसार बत्तियों की संख्या एक, पांच, नौ, ग्यारह या इक्किस हो सकती है। कुछ लोग लक्ष्मी जी की आरती मंत्रों से करते हैं लेकिन ऊँ जय लक्ष्मी माता, आरती बहुत से लोग करते हैं। ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता। सूर्य-चन्द्...

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दिवाली पर लक्ष्मी पूजा मुहूर्त

दिवाली का त्योहार पांच दिनों तक चलता है। इसमें धनतेरस, नरक चतुर्दशी, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज आदि मनाए जाते हैं, जिसमें सबसे अहम तीसरा यानी बड़ी दिवाली (लक्ष्मी पूजन) का दिन होता है। धनतेरस से भाई दूज तक मंदिरों और घरों को रंग बिरंगी खूबसूरत रौशनी से सजाया जाता है। इस बार दिवाली का त्योहार 7 नवंबर के दिन मनाया जाएगा। त्योहार के दिल तारीख धनतेरस 5 नवंबर 2018 छोटी दिवाली/ नरक चतुर्दशी 6 नवंबर 2018 बड़ी दिवाली/ लक्ष्मी पूजन 7 नवंबर 2018 गोवर्धन पूजा 8 नवंबर 2018 भाई दूज 9 नवंबर 2018 त्योहारों का महत्व- धनतेरस के दिन नए बर्तन, सोने के सिक्के, ...

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(करवा चौथ पर विशेष ) इसलिए सुहागिनें रखती हैं करवा चौथ का व्रत

यह तो दुनिया जानती है कि भारतीय महिलाएं करवा चौथ का व्रत अपने पति के लिए रखती हैं और उनकी लंबी आयु की कामना करती हैं। इसके लिए महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं और फिर पूजापाठ करती हैं। इस वर्ष 27 अक्टूबर को करवा चौथ है, ऐसे में यहां प्रस्तुत है करवा चौथ व्रत करने के नियम व कुछ सावधानियां। गौरतलब है कि कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। इस दिन महिलाएं जिस मिट्टी के टोटीनुमा पात्र से जल अर्पित करती हैं उसे ही करवा कहा जाता है और चौथ चतुर्थी तिथि को कहते हैं। इस दिन मुख्यरुप से भगवान गणेश, मां गौरी और चंद्रमा की पूजा की जाती है। जहां तक व्रत के नियमो...

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(नवरात्र विशेष ) प्रथम शैलपुत्री

भगवती दुर्गा का प्रथम स्वरूप भगवती शैलपुत्रीके रूप में है। हिमालय के यहां जन्म लेने से भगवती को शैलपुत्रीकहा गया। भगवती का वाहन वृषभ है, उनके दाहिने हाथ में त्रिशूल और बायें हाथ में कमल का पुष्प है। इस स्वरूप का पूजन आज के दिन किया जाएगा। आवाहन, स्थापना और विसर्जन ये तीनों आज प्रातरूकाल ही होंगे। किसी एकांत स्थल पर मृत्ताका से वेदी बनाकर उसमें जौ, गेहूं, बोयें। उस पर कलश स्थापित करें। कलश पर मूर्ति स्थापित करें, भगवती की मूर्ति किसी भी धातु अथवा मिट्टी की हो सकती है। कलश के पीछे स्वास्तिकऔर उसके युग्म पार्श्व में त्रिशूल बनायें। जिस कक्ष में भगवती की स्थापना करें, उस कक...

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दस दिन रहेगा भगवान गणेश की आराधना का दौर

सनातन धर्म में किसी भी शुभ काम की शुरुआत भगवान गणेश के नाम के साथ ही होती है। साल में एक बार गणेश चतुर्थी का पर्व आता है। गणेश चतुर्थी में लोग गणपति को लुभाने के लिए तरह-तरह की पूजा करते हैं। गणेश को मोदक और दुर्वा घास अधिक प्रिय है, लेकिन अगर गणेश चतुर्थी पर आप घर में खुद ही प्रतिमा को बनाए और इसकी पूजा करें तो गणपति वश्य ही प्रसन्न होते हैं और मनवांछित मुराद पुरी करते हैं। गणेश चतुर्थी पर हर घर में गणेश विराजमान होते हैं। हर गली मोहल्ले में गणपति बाप्पा मोरया की गूंज सुनाई देती है। गणेश चतुर्थी महोत्सव 13 सितंबर से शुरू हो रहा है, जो 23 सितंबर तक चलेगा। अभीष्ट सिद्धि के लिए इस ...

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देशभर में आज रक्षाबंधन के त्योहार की धूम, भाई के कलाई पर राखी बांधने का यह है शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली: : रक्षाबंधन का त्योहार आज पूरे भारतवर्ष में धूमधाम से मनाया जाएगा. आज के इस खास दिन पर सभी बहनें अपने-अपने भाइयों के कलाइयों पर राखी बांधेंगी. रक्षाबंधन को लेकर देशभर के बाजारों में धूम है. सड़कों पर चहल-पहल बढ़ गई है. बाजारों में छोटी बड़ी, महंगी सस्ती, रंग बिरंगी राखियां सज गई हैं. रक्षा बंधन के पर्व पर बात सिर्फ राखी या धागे की होती है, लेकिन इस मौके पर भाई के माथे पर तिलक लगाना, मिठाई खिलाना और आरती उतारना भी त्योहार की कुछ महत्वपूर्ण रस्में हैं. इसके लिए बाजार में रक्षाबंधन की थाली भी उपलब्ध है, जिसमें राखी के अलावा तिलक के लिए अक्षत और चावल, सिर पर रखने के लिए कपड़...

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रक्षा बंधन का महत्व

रक्षा बंधन का त्योहार श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस त्योहार का इंतजार सिर्फ भाई-बहन ही नहीं बल्कि परिवार के सभी सदस्य करते हैं। हिंदू पंचाग के अनुसार यह पावन पर्व 26 अगस्त (रविवार) को मनाया जाएगा। रक्षा बंधन के दिन बहनें भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं। साथ ही बहनें ईश्वर से भाई की दीर्घ आयु, सफलता और समृद्धि की कामना भी करती हैं। वहीं भाई अपने बहनों को यह वचन देते हैं कि वह हमेशा उनकी रक्षा करेंगे। शुभ मूहुर्त आमतौर पर यह तिथि अक्सर भद्राकाल से पीड़ित होती है। परंपरा के अनुसार, भद्राकाल में कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है, इसलिए इस अवधि में राखी बांधना व...

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गायत्री मंत्र से आतीं हैं जीवन में खुशियां

गायत्री मंत्र का उच्‍चारण करने से व्‍यक्ति के जीवन में खुशियों का संचार होता है। चारों वेदों से मिलकर बने इस मंत्र का जाप करने से शरीर निरोग बनता है और इंसान को यश, प्रसिद्धि और धन की प्राप्ति भी होती है। गायत्री मंत्र के फायदे हिन्दू धर्म में गायत्री मंत्र को विशेष मान्यता प्राप्त है। कई शोधों द्वारा यह भी प्रमाणित किया गया है कि गायत्री मंत्र के जाप से कई फायदे भी होते हैं जैसे : मानसिक शांति, चेहरे पर चमक, खुशी की प्राप्ति, चेहरे में चमक, इन्द्रियां बेहतर होती हैं, गुस्सा कम आता है और बुद्धि तेज होती है। गायत्री मंत्र ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्यः...

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