लाइफ स्टाइल

सिर्फ 10 सेकेंड में पता चलेगा पसीने की दुर्गंध का

कुछ लोगों के लिए गर्मी का मौसम जरूरत से ज्यादा कष्टदायक हो जाता हैं, क्योंकि उनके पसीने की दुर्गंध से दूसरे परेशान हो जाते हैं। इस वजह से कई बार ऑफिस या दोस्तों के बीच मजाक भी बन जाता है। इस समस्या से छुटकारा दिलाने जापानी कंपनी तनीता ने एक ऐसा उपकरण बनाने का दावा किया है, जो सिर्फ 10 सेकेंड में शरीर से पसीने की दुर्गंध का पता लगा सकता है। यह 1 जुलाई से बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। इसकी कीमत के बारे में कंपनी ने अभी कोई खुलासा नहीं किया है। कंपनी की योजना इस उपकरण को 40 और 50 साल की उम्र के बीच के पुरुषों में बेचने की है। आकार में यह उपकरण इतना छोटा है कि इसे आसानी से जेब में रखकर कहीं ...

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सुख शादीशुदा ‎जिंदगी के ‎लिए जीन भी रखते हैं मायने

आपके सफल वैवाहिक जीवन में जीन की भी अहम भूमिका होती। यह बात हाल ही में हुए एक अध्ययन में सामने आई है। पूर्व के शोध में भी इस बात के संकेत दिए गए हैं कि सफल वैवाहिक जीवन आंशिक तौर पर आनुवांशिक कारकों से प्रभावित होता है और ऑक्सीटोसिन सामाजिक समर्थन में सहायक होता है। हालिया शोध के मुता‎बिक, विशेष जीनों में विभिन्नता ऑक्सीटोसिन की कार्यपद्धति से जुड़ी होती है और यह समग्र रूप से सफल वैवाहिक जीवन पर भी असर डालती है। जीन पार्टनर्स के बीच समन्वय के लिए भी बहुत अहम होते हैं। इस शोध में विभिन्न तरह के जीनोटाइप- ऑक्सीटोन रिसेप्टर जीन (ओएक्सटीआर)के संभावित जीन संयोजन-का मूल्यांक...

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एसिडिटी बढ़ाते हैं ये खाद्य पदार्थ

अगर आप एसिडिटी से परेशान रहते हैं तो आपको भारी खाद्य पदार्थों से दूर रहना चाहिये। आम तौर पर भारी आहार लेने के बाद हमें कई बार सीने में जलन का अनुभव भी होने लगता है, खट्टी डकार आने लगती है। ऐसा कुछ अत्यधिक अम्लीय खाद्य पदार्थों के कारण होता है, जिन्‍हें हमारा शरीर आसानी से पचा नहीं पाता जिसके परिणामस्‍वरूप एसिडिटी होने लगती है। इसमें राहत के लिए आसानी से हजम होने वाले खाद्य पदार्थ खाये जिससे पेट में एसिड पर नियंत्रण बना रहे। इनका कम सेवन करें। चॉकलेट चॉकलेट का स्वाद सभी को अच्छा लगता है पर यह आपके पेट के लिए काफी नुकसानदायक साबित हो सकती है। इसमें कैफीन और थियोब्रोमाइन ज...

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जेब में मोबाइल फोन रखने से पड़ सकता है प्रजनन क्षमता पर असर

अगर आपके पॉकेट में मौजूद किसी साइज का फोन कुछ मात्रा में रेडिएशन निकालता है तो ये इनफर्टिलिटी का कारण हो सकता है। इस बारे में पहले से ही काफी चर्चा है कि हाई एसएआर (स्पेसिफिक अब्जॉर्प्शन रेट) वैल्यू वाले बॉडी को सेल्यूलर लेवल पर नुकसान पहुंचाते हैं। खासकर तब जब अपने फोन को कानों पर लगाकर घंटों तक बातचीत करते हैं। लेकिन अब इस विषय पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया कि स्मार्टफोन से निकलने वाले रेडिएशन स्पर्म को भी नुकसान पहुंचाते हैं। हांला‎कि इस बात पर कोई सहमति नहीं है कि स्मार्टफोन कैंसर का कारण बनते हैं या नहीं। डब्ल्यूएचओ का कहना है कि कोई निर्णायक प्रमाण भी अभी तक नहीं...

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बच्चों को इंटरनेट के सही और खराब यूज के बारे में समझाएं

बच्चे पोर्न को लेकर न भटकें इसलिए आपको बच्चों को इंटरनेट के सही और खराब यूज के बीच का फर्क जरूर समाझाना चाहिए। स्टडीज की मानें तो लड़का हो या लड़की ज्यादातर बच्चे 11-14 साल की उम्र के बीच ही पहली बार पॉर्न देखते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कि ऐसे में बच्चों की कैसे मदद करें और उनसे कैसे डील करें। अगर आपका बच्चा पॉर्न देख रहा है तो सबसे पहले इस बात को लेकर पैनिक न हों। शांत दिमाग से बच्चे से डील करें, उसे समझाएं कि यह असली नहीं है , ये एक अनरियल वर्ल्ड है। अगर आपका बच्चा सेक्स के बारे में जानकारी चाहता है तो उसे बताएं कि पॉर्न देखकर सेक्स के बारे में जानकारी इकट्ठा करना सही तरीका ...

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जानकारी के अभाव में हो सकता है नुकसान

कई ऐसे व्यायाम हैं, जिन्हें हम ट्रेनर की सलाह लिए बगैर करते हैं और जानकारी के अभाव में अपने शरीर को नुकसान पहुंचा लेते हैं। आज विस्तार से जानते हैं उन व्यायामों के बारे में, जिन्हें अगर आप विशेषज्ञ से परामर्श लिए बगैर करते हैं, तो लाभ से ज्यादा नुकसान उठा सकते हैं। दौड़ने के समय अगर आप शुरुआत धीमी करके अंत तेज दौड़ के करते हैं, तो यह गलत तरीका है, क्योंकि इससे अपर बॉडी को नुकसान हो सकता है। ऐसे में फेफड़े भी लंबे समय के लिए सपोर्ट नहीं कर पाते। इससे पूरे शरीर में ऑक्सीजन का संचार ठीक से नहीं हो पाता। दौड़ने के लिए पैरों पर दबाव न डालें। ऐसा करने से इंजरी हो सकती है। गलत तरीके से दौड़...

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20 सेकंड गले मिलने से दूर होता है तनाव

विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, 20 सेकंड से अधिक समय तक किसी को गले लगाने से दिमाग के साथ-साथ शरीर में भी फील-गुड फैक्टर का प्रभाव पड़ता है और हम खुशी के साथ-साथ स्वस्थ भी महसूस करते हैं। यह सुनने में भले ही चौंकाने वाला तथ्य लगे लेकिन यह साबित हुआ है कि अपने किसी करीबी को गले लगाने से आपका दर्द काफी हद तक कम हो जाता है। इजरायल के हाइफा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक शोध के अनुसार, गले लगना प्राकृतिक दर्द निवारक के समान कार्य करता है। किसी को गले लगाना यह कहता है कि आप बिना एक शब्द भी बोले उनकी परवाह करते हैं। यह वास्तव में आपको सहानुभूति, प्यार और चिंता जैसी भावनाओं...

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बाजार में कई तरह के पास्ता की वैरायटी मौजूद

पूरे दिन चुस्त दूरुस्त रहने के लिए लोग पास्ता को स्वस्थ नाश्ता का विकल्प नहीं मानते, क्योंकि इसका एक कारण होता है, पास्ता का मैदे से बना होना। लेकिन आजकल बाजार में कई तरह के पास्ता की वैरायटी मौजूद हैं। ऐसे में यदि आपके बच्चे को पास्ते का शौक है, तो आप व्हीट पास्ता बनाकर उसे दे सकते हैं। व्हीट पास्ता गेहूं का बना होता है। इसमें फाइबर, आयरन, विटामिन बी और मिनरल्स की भरपूर मात्रा होती है। जहां एक ओर एक कप साधारण पास्ता में 221 कैलरी होती है, वहीं साधारण पास्ता में डायटरी फाइबर और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है, जो दिल से जुड़ी बीमारियों का कारण बनता है। होल व्हीट पास्ता ...

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तेज चलने और साइक्लिंग से हार्ट अटैक का खतरा होगा कम

हृदय रोग विशेषज्ञों की माने तो भारतीय युवाओं में हृदयाघात यानी हार्ट अटैक की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है और यदि इस समस्या पर रोक के उपाय नहीं किए गए तो यह महामारी का रूप अख्तियार कर सकती है। इसे रोकने का एकमात्र तरीका लोगों को शिक्षित करना है, वरना 2020 तक सबसे अधिक मौत हृदय रोग के कारण ही होगी। ‘दिल के दौरे का संबंध पहले बढ़ती उम्र के साथ माना जाता था। लेकिन अब आधुनिक जीवन के बढ़ते तनाव, अपर्याप्त नींद, धूम्रपान और आराम तलब जीवनशैली ने युवाओं में दिल की बीमारियों के खतरे को बढ़ा दिया है। डॉक्टरों की मानें तो ऐक्टिव लाइफस्टाइल अपनाकर और थोड़ी बहुत एक्सर्साइज करके आप हार्ट...

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बच्चों को पोषक तत्व वाला आहार दें

बच्चों को संपूर्ण विकास के लिए खाने में पोषक तत्वों की जरूरत होती है। यह उनके बढ़ने की उम्र होती हैं, इस समय उनका शारीरिक विकास हो रहा होता है। इसलिए उनके विकास के लिए पर्याप्त पोषक तत्वों की दरकार होती है। पोषक तत्व बच्चों को कुछ बीमारियों, जैसे- मोटापा और हड्डियों को कमजोर होने से बचाने में सहायता करते हैं। इससे बच्चा पूरी क्षमता के साथ विकास करता है। एक बढ़ते हुए बच्चे को ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर के साथ-साथ बीच में स्नैक्स की भी जरूरत होती है। प्रोटीन प्रोटीन शरीर के उत्तकों को बनाने, रख-रखाव और मरम्मत करने में सहायता करता है। प्रोटीन की ज्यादा मात्रा दूध और डेयरी प्रोड...

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महिलाओं से 3 साल पहले बूढ़े हो जाते हैं पुरुष

वाशिंगटन । एक हालिया अध्ययन में दावा किया गया है कि पुरुष दिमागी तौर पर महिलाओं के मुकाबले औसतन तीन साल पहले ही बूढ़े हो जाते हैं, जबकि वयस्क तीन साल बाद होते हैं। वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने दिमाग में होने वाली मेटाबॉलिज्म में अंतर के आधार पर किया है। हाल ही में हुए शोध में शामिल भारतीय मूल के वैज्ञानिक व यूनिवर्सिटी में सहायक प्रोफेसर मनु गोयल ने बताया कि दिमाग शर्करा के आधार पर काम करता है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ दिमाग में शर्करा के इस्तेमाल करने के तरीके में बदलाव आने लगता है। जर्नल ऑफ प्रोसिडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज में प्रकाशित शोध में उन्हों...

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12 से 22 साल की उम्र में शराब पी तो कमजोर होगी याददाश्त

एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि अगर 12 से 22 साल की उम्र के युवक ज्यादा शराब पीते हैं तो उनमें शॉर्ट-टर्म मेमोरी लॉस की शिकायत हो सकती है। इसी उम्र में दिमाग में याद्दाश्त बढ़ाने वाली कोशिकाएं बढ़ती हैं जिन्हें शराब बाधित करती है। यह बात हाल ही में हुई रिसर्च से साबित हुई है। न्यूयार्क के कोलंबिया विश्वविद्यालय के माइकेल सेलिंग समेत शोधकर्ताओं के मुताबिक, प्रीफ्रंटल कोर्टेक्स (पीएफसी) जो व्यवहार प्रबंधन में अपनी भूमिका निभाता और किशोरावस्था के दौरान परिपक्व होता है। किशोरावस्था में अत्यधिक शराब पीने से उसकी कार्यक्षमता पर असर पड़ता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि किशोर...

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कामकाजी महिलाएं इस प्रकार तनाव से रहें दूर

अधिकांश कामकाजी महिलाओं के लिए घर और ऑफिस से तालमेल बैठाना आसान नहीं होता। इसमें जल्दी में खाना बनाना सबसे कठिन काम होता है। ऑफिस जाने की जल्दी के साथ ही घर में उन्हें सबकी पसंद नापसंद का भी ख्याल रखना पड़ता है। इसके अलावा बच्चों का भी ध्यान रखना पड़ता है। ऐसे में एक सवाल उठता है कि किस प्रकार सब काम समय पर किया जाये। वैसी महिलाएं जिनका फुल टाइम जॉब है और साथ में 2 बच्चे भी हैं उनमें क्रॉनिक स्ट्रेस (तनाव का स्तर) उन महिलाओं की तुलना में 40 फीसदी अधिक होता है जिनका फुल टाइम जॉब तो है लेकिन कोई बच्चे नहीं हैं। क्रॉनिक स्ट्रेस वह होता है जब कोई लगातार स्ट्रेस यानी तनाव का अनुभव ...

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बचपन में टीकाकरण जरुरी

बचपन में लगने वाले टीके बच्चों को बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करते हैं। माता-पिता होने के नाते आपको जानकारी होना जरुरी है कि आपके शिशु को कौन से स्तर पर कौन सा टीका लगेगा। हर टीका शिशु को विभिन्न बीमारियों के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है। जहां कुछ टीके लगवाना अनिवार्य है, वहीं कुछ वैकल्पिक भी हैं। अनिवार्य टीके इन बीमारियों के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करते हैं? कुछ टीके हर शिशु को अनिवार्य रूप से लगवाने चाहिये। बी सीजी - तपेदिक (टी बी) डी टीए पी/डी टीडब्ल्यूपी - डिप्थीरिया, टिटनस, पर्टुसिस (काली खांसी) हैपेटाइटिस ए टीका - हैपेटाइटिस ए हैपेटाइटिस बी टीका - हैपेटाइटिस बी एच.आई...

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चाय या कॉफी 4 से 5 मिनट बाद ही पीए

चाय या कॉफी के कप में आने के कम से कम 4 से 5 मिनट बाद ही इसे पीना सेहत के लिए सही माना जाता है। दरअसल, यह बात सामने आ चुकी है कि बहुत ज्यादा गर्म चाय या कॉफी पीने से हमारे भोजन की नली में या फिर गले में कैंसर होने का खतरा आठ गुना तक बढ़ जाता है। इसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि तेज गर्म चाय गले के टिशूज को नुकसान पहुंचाती है। चाय को आंच से उतारने के 2 मिनट के भीतर ही इसे पीने वालों को कैंसर का खतरा उन लोगों से 5 गुना बढ़ जाता है, जो 4 से 5 मिनट के बाद इसे पीते हैं। इस बात की पुष्टि के लिए एक रिसर्च भी की गई जिसमें करीब 50 हजार लोगों को चुना गया था और उन पर हुए अध्ययन के बाद यह बात सामने आई कि ब...

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बच्चों को सही दोस्त की पहचान बताऐं

छोटे बच्चे अपने आस-पास मौजूद लोगों और अपने परिवार के लोगों से बहुत कुछ सीखते हैं। बच्चे जब थोड़ा बड़े हो जाते हैं, तो अपने घर के आस-पास या स्कूल में उनकी दोस्ती दूसरे बच्चों से होती है। इस उम्र में बच्चों पर परिवार से ज्यादा असर दोस्तों का होता है और दोस्ती में ही बच्चे कई अच्छी-बुरी आदतें सीख लेते हैं। दोस्ती एक प्यारा रिश्ता है मगर बचपन में बच्चों को अच्छे दोस्तों और खराब दोस्तों का फर्क नहीं पता होता है। माता-पिता अकसर अपने बच्चों के व्यवहार को लेकर चिंतित रहते हैं। वे समझ नहीं पाते कि बच्चे के व्यवहार को कैसे समझें लेकिन माता-पिता को चिंति‍त होने के बजाय इस समस्या का सम...

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आक्सीजन के लिए थोड़ी सी रजाई खुली रहने दें

सर्दियों के मौसम में रजाई के अंदर मुंह ढंककर सोने से कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। सोते हुए सिर को ढंककर सोना कई लोगों को आरामदायक लगता है। लेकिन बता दें कि सोते समय थोड़ी सी रजाई खुली रहने दें, जिससे ऑक्सिजन का प्रवाह बना रहे। जिन लोगों को अस्थमा, हृदय रोग और फेफड़ों की समस्या है वे लोग मुंह ढंककर बिलकुल न सोएं। इससे दम घुटने की समस्या हो सकती है। स्लीप ऐप्निया एक ऐसी स्थिति है जब सोते हुए सांस लेने में थोड़ी दिक्कत आने लगती है जिसकी वजह मोटापा और ओबेसिटी की समस्या हो सकती है। इसलिए सिर ढंककर सोने से बचना चाहिए। मुंह ढंककर सोने की वजह से ओवर हीटिंग से आपको अनिद्रा की समस्...

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ऐसे कंट्रोल करें अपना ब्लड प्रेशर

अमेरिका में हुए एक अध्ययन में भी यह दावा किया गया है कि जब आप तनावपूर्ण स्थिति का सामना करें तो अपने प्रेमी के बारे में सोचें। इससे रक्तचाप को काबू रखने में मदद मिलेगी। अमेरिका की एरिजोना यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा कि रक्तचाप की प्रतिक्रियात्मकता पर रोमांटिक साथी की मौजूदगी या विचार से काफी असर पड़ता है। पिछले अध्ययनों में भी यह बताया जा चुका है कि एक रोमांटिक साथी की मौजूदगी या कल्पना से तनाव कम करने में काफी मदद मिल सकती है। मनोविज्ञान के शोध छात्र काइल बोरासा के नेतृत्व में हुआ यह अध्ययन बताता है कि एक प्यार भरा रिश्ता किस तरह से जीवन में तनाव को दूर कर सकता है। ...

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दर्पण का भी पड़ता है घर में प्रभाव

दर्पण (आईना) हर एक घर में होता है पर क्या आप जानते है कि इसकी उपयोगिता सिर्फ देखने और सजाने भर तक ही सीमित नहीं रह जाती है। इसका घर के वास्तु से भी गहरा संबंध है। दर्पण से दूर करें दुर्भाग्य घर की किस दिशा में, किस आकृति का दर्पण लगा है, इसका भवन एवं वहां की आस-पास की ऊर्जा पर अच्छा ख़ासा प्रभाव पड़ता है। इसलिए वास्तु में इसके सही इस्तेमाल पर ज़ोर दिया जाता है क्योंकि सही दिशा में दर्पण लगाकर यदि वास्तुदोष का निवारण किया जा सकता है, तो वहीं इसके गलत दिशा में लगे होने से नकारात्मक ऊर्जा के स्तर में वृद्धि हो जाती है, जिसके कारण स्वास्थ्य एवं धन की हानि हो सकती है। ताकि सकारात्मक उर...

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68 फीसदी भारतीय महिलाओं में विटामिन डी की कमी

बदलती जीवनशैली के चलते हम कुदरत से मिले उपहारों का लाभ भी नहीं उठा पा रहे हैं। पर्याप्त धूप नहीं लेने की वजह से हम विटामिन डी की कमी के शिकार होते जा रहे हैं और इसकी पूर्ति के लिए दवाओं पर निर्भर हो रहे हैं। जबकि कई शोध में दावा किया गया है कि विटामिन डी सप्लीमेंट लेने का कोई फायदा नहीं है। सप्लीमेंट लेने से हड्डियों के फ्रैक्चर का खतरा भी कम नहीं हो पाता और न ही इससे शरीर में विटामिन डी की कमी पूरी होती है। अगर पर्याप्त मात्रा में धूप और सही खानपान लिया जाए, तो यह कमी अपने आप ही दूर हो जाएगी। एक रिपोर्ट के अनुसार 68 फीसदी भारतीय महिलाओं में विटामिन डी की ज्यादा कमी पाई गई हैं। ...

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रोजाना घर के काम करके बरकरार रख सकते हैं स्मरण शक्ति

एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने कहा है कि अगर आप अक्सर चीजें रखकर भूल जाते हैं या कोई बात याद नहीं रहती तो हो सकता है कि आपमें भूलने की बीमारी के लक्षण दिखने लगे हों लेकिन नियमित व्यायाम करके या रखी जा सकती है। शोध के अनुसार, अधिक उम्र के जिन वयस्कों में अल्जाइमर के लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं वो अगर रोज व्यायाम या घर के दैनिक काम करें तो इससे याददशत को बनाए रखा जा सकता है। शोध से पता चला है कि स्वास्थ्य सुधारने, मस्तिष्क पर रक्षात्मक असर पैदा करने के लिए व्यायाम सबसे सस्ता उपाय है। शोधकर्ताओं ने पाया कि जब मस्तिष्क में अल्जाइमर बीमारी के लक्षण मौजूद हों तो शरीर को सक्रिय रखने ...

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कमर दर्द का कारण बन सकती है लंबी बैठक वाली नौकरी

अगर आपकी सीटिंग जॉब है तो सावधान हो जाइए, क्योंकि बहुत ज्यादा देर तक बैठे रहना आपकी पीठ के लिए अनुकूल नहीं है। बहुत ज्यादा देर तक बैठे रहने से कमर पर बहुत जोर पड़ता है और कमर से जुड़ी रीढ़ को सहारा देने वाली मसल्स और नसों में दर्द और इंजरी हो सकती है। लिहाजा अपनी रीढ़ की सेहत बनाए रखने और पीठ दर्द से निजात पाने के लिए आप इन टिप्स को अपनाकर वर्कप्लेस पर बैठे-बैठे भी अपनी फिटनेस को बरकरार रख सकते हैं। इन दिनों ज्यादातर लोग आरामदायक दफ्तर में अपनी डेस्क से चिपके रहते हैं। फिजिकल मेहनत न होने के कारण हमारी मसल्स, हड्डियां, लिगामेंट्स और टिश्यू कमजोर पड़ते जा रहे हैं। हमारी पीठ की हड्ड...

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कमर दर्द का कारण बन सकती है लंबी बैठक वाली नौकरी

अगर आपकी सीटिंग जॉब है तो सावधान हो जाइए, क्योंकि बहुत ज्यादा देर तक बैठे रहना आपकी पीठ के लिए अनुकूल नहीं है। बहुत ज्यादा देर तक बैठे रहने से कमर पर बहुत जोर पड़ता है और कमर से जुड़ी रीढ़ को सहारा देने वाली मसल्स और नसों में दर्द और इंजरी हो सकती है। लिहाजा अपनी रीढ़ की सेहत बनाए रखने और पीठ दर्द से निजात पाने के लिए आप इन टिप्स को अपनाकर वर्कप्लेस पर बैठे-बैठे भी अपनी फिटनेस को बरकरार रख सकते हैं। इन दिनों ज्यादातर लोग आरामदायक दफ्तर में अपनी डेस्क से चिपके रहते हैं। फिजिकल मेहनत न होने के कारण हमारी मसल्स, हड्डियां, लिगामेंट्स और टिश्यू कमजोर पड़ते जा रहे हैं। हमारी पीठ की हड्ड...

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अगर आपके बीच प्यार हैं तो उम्र मायने नहीं रखती

अगर आप दोनों के बीच गहरा प्यार है तो फिर उम्र कोई मायने नहीं रखती है। यह कहना है शोध कर्ता वैज्ञानिकों का। एक शोध में रिश्तों में उम्र को लेकर नए समीकरण सामने आए हैं। ज्यादातर लोगों का मानना है कि उम्र केवल एक नंबर से ज्यादा कुछ नहीं है। लेकिन अगर यह वास्तव में यह सच न हो तो, और उम्र के आधार पर ये तय किया जा सकता है कि एक कोई रिलेशन कितने लंबे समय तक चलेगा? आज तक किसी अध्ययन में ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वास्तव में एक सफल रिश्ता कैसे काम करता है, लेकिन लगता है कि वैज्ञानिकों ने इसे निकालने का एक फैक्टर ढूंढ लिया है। अटलांटा में एमोरी यूनिवर्सिटी में किए गए शोध के अनुसार, एक गणि...

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कामकाजी महिलाएं यूं करेंगी काम तो होगी आसानी

कामकाजी महिलाओं के लिए सबसे बड़ी समस्या घर और ऑफिस में तालमेल बैठाते हुए खाना बनाने और खिलाने की होती है। दरअसल कामकाजी महिलाओं को ऑफिस की जिम्मेदारी उठाते हुए घर में भी तालमेल बैठाना अनिवार्य होता है। ऑफिस जाने का समय होने से पहले खाना बनाना सबसे कठिन काम होता है। एक तो ऑफिस समय पर पहुंचने की समस्या ऊपर से परिवार के सभी सदस्यों की पसंद और नापसंद का ख्याल आखिर इसमें सामंजस्य बनाएं भी तो कैसे। आईये आपकी मदद करने वाले कुछ टिप्स बताते हैं जो कि खाना बनाने से लेकर आफिस टाइम पर पहुंचने में आपकी मदद कर सकते हैं। इसमें सबसे पहले झटपट खाना बनाने के लिए ये तरीके अपनाएं। कुछ ऐसी रे...

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